छह लोगों की मौत के बाद बड़ी कार्रवाई, पांचवीं मंजिल वाले भवनों को तत्काल सील करने का निर्देश
नई दिल्ली,अंग भारत। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी इमारत गिरने के हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के दक्षिण जोन के उपायुक्त समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इस हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह अन्य लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया है। मुख्यमंत्री ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए राजधानी में भवनों की सुरक्षा को लेकर भी कई सख्त निर्देश दिए हैं।
दक्षिण जोन के पांच अधिकारी निलंबित
मुख्यमंत्री की कार्रवाई के तहत एमसीडी के दक्षिण जोन उपायुक्त राकेश कुमार को निलंबित किया गया है। उनके अलावा अधीक्षण अभियंता रणवीर सिंह, कार्यकारी अभियंता (भवन) ललित कुमार गोयल, सहायक अभियंता (भवन) सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर (भवन निर्माण) आशीष कुमार को भी निलंबित कर दिया गया है।सरकार की ओर से यह कार्रवाई हादसे के बाद भवन निर्माण और सुरक्षा से जुड़े कामकाज में संभावित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए की गई है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि राजधानी में लोगों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह एक बार फिर सत्य निकेतन हादसा स्थल का दौरा किया। उन्होंने वहां चल रहे राहत और बचाव कार्य की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे के बाद मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है।मुख्यमंत्री के अनुसार करीब 80 प्रतिशत मलबा हटाया जा चुका है। फिलहाल बेसमेंट का मलबा हटाना बाकी है। बेसमेंट में पानी भरा हुआ था। उनके अनुसार पानी जमा होने के साथ पुरानी इमारत में चल रहा मरम्मत का काम भी हादसे की स्थिति से जुड़ा बताया जा रहा है।
अब तक 12 लोगों को निकाला गया
हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक कुल 12 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। इनमें छह लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है।मलबा हटाने के दौरान बचाव दल को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। बेसमेंट में पानी जमा होने के कारण राहत कार्य में भी परेशानी सामने आई। अधिकारियों और बचाव टीमों की निगरानी में मलबा हटाने का काम जारी रखा गया।
पांचवीं मंजिल वाले भवनों पर तत्काल कार्रवाई
हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली में पांचवीं मंजिल वाले भवनों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में संचालित पीजी तथा अन्य भवनों की सघन जांच करने को कहा गया है।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जांच के दौरान यदि किसी भवन में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसे सील करने की कार्रवाई की जाए। भवनों की सुरक्षा, निर्माण नियमों और अन्य जरूरी मानकों की जांच पर विशेष जोर दिया गया है।
लापरवाही पर किसी को नहीं बख्शने की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिम्मेदारी में चूक करने वाले अधिकारियों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।सत्य निकेतन हादसे ने एक बार फिर राजधानी में पीजी, पुरानी इमारतों और भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद सरकार की ओर से आसपास की इमारतों की जांच और नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। अब निगाह इस बात पर है कि जांच में हादसे के लिए कौन-कौन से कारण सामने आते हैं और आगे भवन सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।







