गुवाहाटी,अंग भारत। असम विधानसभा चुनाव 2026 के अंतर्गत गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने अपने परिवार के साथ जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह न केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा था, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर उन्होंने राज्य के विकास और भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दर्शाया। उनके साथ उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा, उनके पुत्र नंदिल और पुत्री सुकन्या भी मौजूद थे, जिन्होंने एक साथ कतार में खड़े होकर मतदान किया।
परंपरा और जिम्मेदारी
मतदान के लिए घर से निकलने से पहले मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध मां कामाख्या मंदिर में मत्था टेका। अपने पूरे परिवार के साथ उन्होंने राज्य की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। धार्मिक मान्यताओं के प्रति यह सम्मान और लोकतंत्र के प्रति यह अटूट निष्ठा उनके व्यक्तित्व का एक अहम हिस्सा रही है। अक्सर देखा गया है कि सार्वजनिक जीवन में रहने के बावजूद वे पारिवारिक मूल्यों को प्राथमिकता देते हैं।
जालुकबाड़ी में मतदान
मुख्यमंत्री ने आजरा इलाके के गरल बुनियादी प्राथमिक विद्यालय में अपना वोट डाला। वहां की व्यवस्थाएं काफी चुस्त-दुरुस्त थीं। निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षाबलों और स्थानीय प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे।
- मतदान के लिए सुबह से ही आम नागरिकों में खासा उत्साह दिखा।
- पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती ने मतदाताओं का भरोसा बढ़ाया।
- बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सहायता केंद्र बनाए गए थे।
- पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वेबकास्टिंग और वीडियोग्राफी का प्रबंध किया गया।
सोशल मीडिया पर संदेश
वोट डालने के तुरंत बाद, उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर स्याही लगी उंगली के साथ तस्वीर साझा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि असम को और अधिक सुरक्षित, समृद्ध और शक्तिशाली बनाने के लिए मतदान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने राज्य की जनता से अपील की कि वे अपने घरों से निकलें और इस लोकतंत्र के उत्सव में भागीदारी निभाएं। उनका यह आह्वान राज्य के युवाओं और पहली बार वोट करने वाले मतदाताओं के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत बना है।
लोकतंत्र का महापर्व
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार असम का चुनाव काफी अहम है। राज्य भर के 2.5 करोड़ से अधिक मतदाता कुल 722 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करने वाले हैं। मुख्यमंत्री का परिवार के साथ मतदान केंद्र पहुंचना यह संदेश देता है कि सत्ता चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, एक वोट की ताकत सबके लिए समान है।
मतदान का महत्व
जब एक राज्य का मुखिया खुद आम कतार में लगकर मतदान करता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ों को और गहरा करता है। असम में हो रहे इस चुनाव में न केवल सरकार की कार्यक्षमता का आकलन होगा, बल्कि विकास के एजेंडे पर भी जनता अपनी मुहर लगाएगी।
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मतदान स्थल | गरल बुनियादी प्राथमिक विद्यालय, जालुकबाड़ी |
| भागीदारी | मुख्यमंत्री सपरिवार |
| प्रमुख संदेश | असम को सुरक्षित और समृद्ध बनाना |
| सुरक्षा | त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा और शांतिपूर्ण मतदान |
अंतिम आंकड़ों के अनुसार, राज्य भर के केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गई हैं। विशेष रूप से युवाओं की बड़ी संख्या यह बताती है कि लोग राज्य के भविष्य को लेकर काफी जागरूक हैं। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनता की जागरूकता में ही निहित है। आज का यह दिन असम के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत जैसा है।








