यमुनानगर,अंग भारत। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के आह्वान पर गुरुवार को यमुनानगर में किसानों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान जगाधरी अनाज मंडी परिसर में एकत्रित हुए और वहां से जुलूस निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शन के बाद किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा और अपनी नाराजगी जताई।
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अनाज मंडी से लघु सचिवालय तक निकाला गया जुलूस
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को तुरंत वापस लेने की मांग की। किसान नेताओं का कहना है कि यह समझौता लागू होने पर देश के कृषि क्षेत्र, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, छोटे व्यापारियों और रोजगार के अवसरों पर गंभीर असर पड़ सकता है।किसानों ने कहा कि सरकार को ऐसे किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते पर आगे बढ़ने से पहले व्यापक विचार-विमर्श करना चाहिए।
किसान नेताओं ने जताई गंभीर चिंता
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के जिला अध्यक्ष संजू ने कहा कि भारत में अधिकांश किसान छोटे और सीमांत वर्ग से हैं, जबकि अमेरिका में कृषि बड़े पैमाने पर आधुनिक तकनीक और भारी सरकारी सब्सिडी के साथ संचालित होती है। ऐसे में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता भारतीय किसानों के लिए असंतुलन पैदा कर सकता है।उन्होंने कहा कि कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका जैसे संवेदनशील मुद्दों पर निर्णय लेते समय सभी हितधारकों से चर्चा जरूरी है।
आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी आपत्तियों पर सरकार गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के अंत में किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा, जिसमें भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की गई है। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया।










