भुवनेश्वर,अंग भारत। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को पुरी में आयोजित ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप (DRRG) की तकनीकी बैठक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय सहयोग को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
Read more……………ओडिशा सिविल सर्विस टॉपर बुबुन साहू को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
पुरी में BRICS DRRG सत्र का हुआ उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने बैठक में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह मंच आपदा जोखिम न्यूनीकरण के वैश्विक प्रयासों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन अब केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक आर्थिक स्थिरता और मानव सुरक्षा से सीधे जुड़ा विषय बन चुका है।
जलवायु परिवर्तन से बढ़ी आपदाओं की चुनौती
सीएम माझी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, तेजी से हो रहा शहरीकरण और पर्यावरणीय क्षरण के कारण दुनिया भर में आपदाओं की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ रही है। ऐसे में बेहतर तैयारी, तकनीकी सहयोग और समन्वित रणनीति अब समय की आवश्यकता बन गई है। उन्होंने जोर दिया कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण सतत विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
ओडिशा का ‘जीरो डेथ मॉडल’ बना उदाहरण
मुख्यमंत्री ने ओडिशा के आपदा प्रबंधन मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने “शून्य मृत्यु” सिद्धांत पर आधारित एक प्रभावी प्रणाली विकसित की है। इसमें वैज्ञानिक योजना, उन्नत पूर्व चेतावनी प्रणाली, मजबूत ढांचा और समुदाय की भागीदारी को प्रमुखता दी गई है।उन्होंने कहा कि ओडिशा चक्रवात, लू, बिजली गिरने और तटीय क्षरण जैसी आपदाओं के प्रति संवेदनशील राज्य है, लेकिन बेहतर तैयारी के कारण नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सका है।
इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से बढ़ेगी आपदा प्रबंधन क्षमता
मुख्यमंत्री ने 160 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड कोस्टल हाईवे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना आपदा प्रबंधन और त्वरित निकासी व्यवस्था को मजबूत करेगी। इसके साथ ही उन्होंने कैपिटल रीजन रिंग रोड और भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र परियोजना को भी राज्य के विकास और आपदा तैयारी के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री मोदी के 10 सूत्रीय एजेंडा की सराहना
मुख्यमंत्री माझी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आपदा प्रबंधन से जुड़े 10 सूत्रीय एजेंडा की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह एजेंडा तैयारी, तकनीक, जोखिम आधारित विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है।
1999 चक्रवात से मिली सीख ने बदली प्रणाली
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि 1999 के महाचक्रवात ने ओडिशा की आपदा प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कहा कि अब राज्य में समुदाय आधारित तैयारी और अंतिम छोर तक सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया गया है।मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पुरी में आयोजित यह बैठक वैश्विक आपदा जोखिम न्यूनीकरण ढांचे को नई दिशा देगी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत बनाएगी।










