नई दिल्ली,अंग भारत। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को ग्लोबल मार्केट से भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजार पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं डाउ जॉन्स फ्यूचर्स भी सोमवार को लाल निशान में कारोबार करता नजर आया। यूरोपीय बाजारों में पिछले सत्र के दौरान मिला-जुला रुख रहा, जबकि एशियाई बाजारों में भी आज निवेशकों के बीच स्पष्ट दिशा नजर नहीं आ रही है। एशिया के प्रमुख बाजारों में कुछ सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं, जबकि कुछ में गिरावट बनी हुई है।
ब्याज दर की चिंता से अमेरिकी बाजार दबाव में
अमेरिकी बाजार में ब्याज दरों को लेकर बनी आशंका का असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ा। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर बाजार में सतर्कता बनी रही और इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर दिखाई दिया। वॉल स्ट्रीट के तीनों प्रमुख सूचकांक पिछले सत्र में कमजोर होकर बंद हुए।डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 272.51 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 53,413.60 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह एसएंडपी 500 इंडेक्स में भी कमजोरी रही और यह 0.38 प्रतिशत टूटकर 7,718.60 अंक पर आ गया। नैस्डेक ने 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,506.99 अंक पर पिछले सत्र के कारोबार का अंत किया।
डाउ जॉन्स फ्यूचर्स भी लाल निशान में
अमेरिकी बाजार के संकेतों को देखते हुए सोमवार को डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में भी दबाव बना हुआ है। शुरुआती कारोबार में यह 193.53 अंक यानी 0.36 प्रतिशत फिसलकर 53,220.72 अंक के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इससे घरेलू बाजार में भी कारोबार की शुरुआत पर दबाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।निवेशक फिलहाल ब्याज दरों से जुड़े संकेतों के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए हैं। अमेरिकी बाजार में किसी भी बड़े बदलाव का असर दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों पर भी पड़ता है।
यूरोपीय बाजार में मिला-जुला रुख
यूरोपीय बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान स्पष्ट तेजी या गिरावट देखने को नहीं मिली। प्रमुख बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा। फ्रांस का सीएसी इंडेक्स 0.09 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ 8,278.77 अंक पर बंद हुआ।इसके विपरीत जर्मनी का डीएएक्स इंडेक्स 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,046.40 अंक के स्तर पर पहुंच गया। वहीं लंदन स्टॉक एक्सचेंज में छुट्टी होने के कारण एफटीएसई इंडेक्स में पिछले सत्र के दौरान कारोबार नहीं हुआ।
एशियाई बाजारों में भी असमंजस
एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। एशिया के नौ प्रमुख बाजारों में से पांच के सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जबकि चार सूचकांक लाल निशान में बने हुए हैं।भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी 115.50 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,894.50 अंक पर आ गया है। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी 0.24 प्रतिशत फिसलकर 3,920.70 अंक पर कारोबार कर रहा है।हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी दबाव में है। यह 269.87 अंक यानी 1.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,381 अंक पर कारोबार करता नजर आया। सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स भी 0.10 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 5,796.21 अंक पर पहुंच गया।
जापान और दक्षिण कोरिया में जोरदार तेजी
दूसरी ओर एशिया के कुछ बाजारों में सोमवार को मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई इंडेक्स 1,254.06 अंक यानी 1.93 प्रतिशत की तेजी के साथ 66,275 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है।ताइवान वेटेड इंडेक्स में भी 1.46 प्रतिशत की मजबूत बढ़त रही। यह 681.66 अंक उछलकर 47,232.79 अंक के स्तर पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले बाजारों में रहा। इसमें 225.97 अंक यानी 3.38 प्रतिशत की तेजी आई और यह 6,913.18 अंक पर कारोबार करता नजर आया।थाईलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स भी 1.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,615.31 अंक पर पहुंच गया। वहीं इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 6,637.13 अंक पर कारोबार कर रहा था।
भारतीय बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों पर
कुल मिलाकर सोमवार को वैश्विक बाजारों का रुख मिला-जुला लेकिन सतर्क नजर आ रहा है। अमेरिका में कमजोरी और गिफ्ट निफ्टी में गिरावट भारतीय बाजार के लिए शुरुआती तौर पर दबाव का संकेत दे रही है। हालांकि, एशिया के कुछ प्रमुख बाजारों में तेज बढ़त से बाजार को कुछ सहारा भी मिल सकता है। अब निवेशकों की नजर घरेलू स्तर पर होने वाले कारोबार और वैश्विक संकेतों के बीच बनने वाले नए रुझान पर रहेगी।







