जयपुर,अंग भरता। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर छोटी काशी के नाम से मशहूर जयपुर में तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। 4 सितंबर को शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। सबसे ज्यादा भीड़ गोविंददेवजी मंदिर में जुटने की संभावना है। मंदिर में तड़के चार बजे मंगला झांकी के पट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे।
सात झांकियों में होंगे ठाकुरजी के दर्शन
गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी के दिन मंगला झांकी से लेकर शयन तक कुल सात झांकियां होंगी। मंगला झांकी सुबह चार बजे से 6:30 बजे तक चलेगी। इसके बाद धूप झांकी सुबह सात से नौ बजे, शृंगार झांकी 9:30 से 11:15 बजे और राजभोग झांकी 11:45 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक होगी।दोपहर के बाद शाम चार से 6:30 बजे तक ग्वाल झांकी, शाम 6:45 से रात 8:30 बजे तक संध्या झांकी और रात 9:15 से 10:30 बजे तक शयन झांकी के दर्शन होंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पूरे दिन दर्शन की व्यवस्था तय की है।
आधी रात को 31 तोपों की सलामी
जन्माष्टमी का सबसे खास आयोजन रात 12 बजे होगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय गोविंददेवजी मंदिर परिसर 31 तोपों की हवाई गर्जना से गूंज उठेगा। इसके साथ विशेष आतिशबाजी भी की जाएगी। कृष्ण जन्म के इस खास पल को देखने और पूजा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है।रात 10 से 11 बजे तक मंदिर में जन्माष्टमी व्रत कथा का आयोजन होगा। इसके बाद मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। जन्म के बाद ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कराया जाएगा।
425 लीटर दूध से होगा अभिषेक
मंदिर के मुख्य सेवादार मानस गोस्वामी के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के पंचामृत अभिषेक के लिए विशेष तैयारी की गई है। अभिषेक में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद का इस्तेमाल किया जाएगा।तिथि पूजा और पंचामृत अभिषेक रात 12 बजे से 12:30 बजे तक चलेगा। इसके बाद जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर को रात 11 बजे से 11:15 बजे तक मंगला आरती होगी।
अगले दिन निकलेगी भव्य शोभायात्रा
जन्माष्टमी का उत्सव केवल मंदिर परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। 5 सितंबर की शाम चार बजे गोविंददेवजी मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा शहर के प्रमुख बाजारों और रास्तों से होकर गुजरेगी।शोभायात्रा जलेब चौक से शुरू होकर सिरहड्योढ़ी बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, बापू बाजार, न्यूगेट और चौड़ा रास्ता पहुंचेगी। इसके बाद त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार और बगरू वालों के रास्ते से होते हुए मंदिर श्री गोपीनाथ पहुंचेगी।
मंदिरों में उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब
जन्माष्टमी को लेकर जयपुर के दूसरे कृष्ण मंदिरों में भी तैयारियां चल रही हैं। शहर के बाजारों और मंदिरों में सजावट का काम अंतिम चरण में है। जन्माष्टमी के मौके पर श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही मंदिरों का रुख करेंगे।गोविंददेवजी मंदिर में पूरे दिन अलग-अलग झांकियों के दर्शन के अलावा रात में कृष्ण जन्म का विशेष आयोजन आकर्षण का केंद्र रहेगा। 31 तोपों की गर्जना, आतिशबाजी और पंचामृत अभिषेक के साथ जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
सुरक्षा और व्यवस्था पर भी रहेगा जोर
जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुबह की मंगला झांकी से लेकर मध्यरात्रि के जन्मोत्सव तक मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही रहेगी।मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन के अलग-अलग समय तय किए गए हैं, ताकि भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सके। जन्माष्टमी के अगले दिन निकलने वाली शोभायात्रा के कारण शहर के प्रमुख बाजारों में भी उत्सव का माहौल रहेगा। छोटी काशी जयपुर एक बार फिर कृष्ण भक्ति में डूबी नजर आएगी।







