नई दिल्ली,अंग भारत। गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहा, जहाँ सेंसेक्स और निफ्टी ने कारोबारी सत्र की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की। बाजार खुलते ही निवेशकों की सक्रिय भागीदारी से सेंसेक्स 100 अंकों से अधिक की बढ़त पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने 24,350 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया। हालांकि, दिन के कारोबार में मुनाफावसूली का दबाव भी देखने को मिला, जिससे तेजी की रफ्तार में थोड़ा उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। यह स्थिति बाजार में सतर्कता और उत्साह के बीच के संतुलन को दर्शाती है, जहाँ निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक आर्थिक संकेतों का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं।
शुरुआती कारोबार का हाल
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 55.95 अंक यानी 0.072 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,014.48 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 35.60 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,366.55 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। सुबह के सत्र में चुनिंदा सेक्टरों में रही खरीदारी ने बाजार को गिरने से बचाया और निवेशकों का आत्मविश्वास बनाए रखा।
ऑटो और मेटल सेक्टर
बाजार की चाल में गुरुवार को ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इन क्षेत्रों में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी के कारण इंडेक्स को ऊपर जाने में काफी मदद मिली। इसके अलावा, आईटी और मीडिया क्षेत्र की कंपनियों में भी सकारात्मक रुझान देखा गया, जिससे बाजार का सेंटिमेंट बेहतर बना रहा।
- ऑटो सेक्टर: मजबूत मांग और सकारात्मक आउटलुक के कारण खरीदारी देखी गई।
- मेटल सेक्टर: वैश्विक कमोडिटी कीमतों में स्थिरता के चलते शेयरों में तेजी रही।
- आईटी और मीडिया: मिड-कैप और लार्ज-कैप शेयरों में संचित खरीदारी से समर्थन मिला।
दबाव वाले सेक्टर
एक तरफ जहां कुछ सेक्टर बाजार को ऊपर खींच रहे थे, वहीं दूसरी तरफ एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का दबाव हावी रहा। इन सेक्टरों में मुनाफावसूली का असर इंडेक्स की कुल बढ़त पर साफ देखा जा सकता था। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कंपनियों के नतीजे पूरी तरह सामने नहीं आते, तब तक इन सेक्टरों में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
ट्रेंट और SBI की चाल
आज के कारोबार में जिन चुनिंदा शेयरों ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, उनमें ट्रेंट और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नाम प्रमुख हैं। इन दोनों कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की भारी खरीदारी देखी गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एसबीआई में तेजी का कारण बैंक के मजबूत फंडामेंटल्स और सकारात्मक बैंकिंग आउटलुक को माना जा रहा है। ट्रेंट के शेयर भी अपनी बेहतर बाजार स्थिति के कारण निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं।
बुधवार का बाजार प्रदर्शन
गुरुवार की यह तेजी आकस्मिक नहीं है, बल्कि बुधवार के कारोबार की सकारात्मक लहर का विस्तार है। बुधवार को बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाते हुए सेंसेक्स 941 अंक की भारी बढ़त के साथ 77,959 के स्तर पर बंद किया था। वहीं, निफ्टी भी 298 अंकों की छलांग लगाकर 24,331 के स्तर पर समाप्त हुआ था।
| सूचकांक | बुधवार का बंद स्तर | गुरुवार शुरुआती तेजी |
|---|---|---|
| सेंसेक्स | 77,959 | 78,014 |
| निफ्टी | 24,331 | 24,366 |
भविष्य की दिशा
बाजार में लगातार दूसरे दिन आई मजबूती ने रिटेल और संस्थागत निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हालांकि, बाजार की आगे की दिशा पूरी तरह से तीन बड़े कारकों पर निर्भर करेगी:
- कंपनियों की तिमाही आय: नतीजों की घोषणा के बाद सेक्टर-विशिष्ट बदलाव देखने को मिलेंगे।
- वैश्विक संकेत: अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आने वाले समाचार भारतीय बाजार की धारणा पर असर डालेंगे।
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां: इनकी निरंतर खरीदारी या बिकवाली बाजार की अस्थिरता तय करेगी।
संक्षेप में, भारतीय शेयर बाजार अभी एक ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है, जहाँ हर छोटी बढ़त का स्वागत किया जा रहा है, लेकिन बिकवाली के दबाव को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।








