गुवाहाटी, अंग भारत। असम की राजधानी गुवाहाटी के रुक्मिणीगांव फ्लाईओवर पर शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में दिव्यांशु अग्रवाल नामक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब उनकी तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू बाइक सड़क के किनारे खड़े गुवाहाटी नगर निगम (जीएमसी) के एक वाहन से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक सवार को संभलने का एक सेकंड का मौका भी नहीं मिला और उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू कर दी है।
हादसे का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात शहर की सड़कें काफी खाली थीं, जिसके कारण बाइक सवार अपनी बीएमडब्ल्यू को बहुत उच्च गति में चला रहे थे। रुक्मिणीगांव फ्लाईओवर पर अचानक सामने खड़े जीएमसी वाहन से बाइक की जोरदार टक्कर हुई।
- बाइक की गति नियंत्रित नहीं थी, जिससे टक्कर का प्रभाव बहुत अधिक बढ़ गया।
- जीएमसी वाहन फ्लाईओवर पर किस वजह से खड़ा था, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
- स्थानीय लोगों ने शोर सुनकर पुलिस को तुरंत सूचना दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दिव्यांशु की पहचान
पुलिस ने इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान दिव्यांशु अग्रवाल के रूप में की है। घटना की जानकारी मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। प्रशासन ने परिजनों को सूचित कर दिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच (GMCH) भेजा गया है। मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस फिलहाल उन परिस्थितियों का अध्ययन कर रही है जिनकी वजह से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी।
पुलिस की जांच पड़ताल
जांच का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। पुलिस अधिकारी अब इन मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं:
- सीसीटीवी फुटेज: फ्लाईओवर के आसपास लगे कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि बाइक की सही रफ्तार और टक्कर से ठीक पहले की स्थिति का पता चल सके।
- जीएमसी वाहन की पार्किंग: पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या फ्लाईओवर पर निगम के वाहन को खड़ा करने के लिए उचित सुरक्षा संकेत (Safety Indicators) या चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे या नहीं।
- तकनीकी परीक्षण: फॉरेंसिक टीम से बाइक के मलबे की जांच करवाई जा सकती है ताकि यांत्रिक खराबी या अन्य किसी संभावना को नकारा जा सके।
सड़क सुरक्षा का सबक
यह घटना गुवाहाटी के निवासियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। रात के समय सड़कें खाली होने का मतलब यह नहीं है कि हम सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दें। अधिकांश युवा गति के रोमांच में अक्सर यह भूल जाते हैं कि सड़क पर एक छोटी सी चूक या खड़ा हुआ वाहन जानलेवा साबित हो सकता है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रात के समय ‘विजिबिलिटी’ (दृश्यता) कम होती है, जिससे सामने खड़ी गाड़ियों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए सीमित गति और सतर्कता ही बचाव का एकमात्र तरीका है।
स्थानीय प्रशासन अब इस बात पर भी विचार कर रहा है कि क्या फ्लाईओवर पर ऐसे वाहनों की पार्किंग के लिए कड़े नियम लागू करने की जरूरत है। दिव्यांशु की मौत ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि शहर में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे देर रात गाड़ी चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें और हेलमेट या सुरक्षा गियर का उपयोग अवश्य करें। मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।








