रांची/हजारीबाग/अंग भारत। हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपितों में बच्ची की मां रेशमी देवी, भगतिन शांति देवी और भीम राम शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस जघन्य वारदात के पीछे अंधविश्वास मुख्य कारण था।
डीजीपी के निर्देश पर तेज हुई जांच, SIT का गठन
घटना की गंभीरता को देखते हुए झारखंड की डीजीपी तादाशा मिश्रा स्वयं हजारीबाग पहुंचीं और मामले की समीक्षा की। उनके निर्देश पर हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन की निगरानी में 26 मार्च को एसआईटी का गठन किया गया। इस विशेष जांच टीम का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी नागरगोजे शुभम भाउसाहेब को सौंपा गया। टीम में एसडीपीओ विष्णुगढ़ बैद्यनाथ प्रसाद, डीएसपी अनुभव भारद्वाज, डीएसपी प्रशांत कुमार और महिला थाना प्रभारी सहित कई अधिकारी शामिल थे।
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बीमारी ठीक कराने के नाम पर रची गई साजिश
पुलिस के अनुसार, विष्णुगढ़ के कुसुंभा गांव में हुई इस घटना के पीछे बच्ची की मां और एक कथित तांत्रिक महिला की भूमिका सामने आई है। बताया गया कि रेशमी देवी अपने बेटे की बीमारी से परेशान थी और उसे ठीक कराने के लिए भगतिन शांति देवी के संपर्क में आई। तांत्रिक के बहकावे में आकर उसने इस भयावह घटना को अंजाम देने की योजना बनाई।
अष्टमी की रात घर में ही की गई हत्या
घटना अष्टमी की रात की है, जब गांव में उत्सव का माहौल था। उसी दौरान घर के भीतर बच्ची की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, इस वारदात में भीम राम ने भी सहयोग किया। हत्या के बाद शव को बगीचे में फेंक दिया गया, ताकि मामला भटकाया जा सके और साक्ष्य छुपाए जा सकें।
साक्ष्य छुपाने की कोशिश, पोस्टमार्टम में खुलासा
पुलिस ने बताया कि आरोपितों ने घटना को अलग दिशा देने की कोशिश की थी। हालांकि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि बच्ची के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था। पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि आरोपी भीम राम पर पहले भी हत्या के मामले दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आती है।
पुलिस की सख्ती से खुला राज, तीनों गिरफ्तार
लगातार जांच और सख्ती के बाद पुलिस ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया और तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रशासन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अंधविश्वास के कारण इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बेहद खतरनाक हैं और इस पर रोक लगाना जरूरी है।











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