भागलपुर,अंग भारत। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के एमबीबीएस तृतीय वर्ष के मेधावी छात्र रूपेश सोनी की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद शनिवार को गुस्साए छात्रों ने अस्पताल परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। शराब के नशे में कार चला रहे रेडियोलॉजी विभाग के पीजी छात्र डॉ. गौरव एस की लापरवाही के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए आक्रोशित छात्रों ने ओपीडी (बाहरी रोगी विभाग) सेवा को पूरी तरह ठप कर दिया। नई दिल्ली के गांधीनगर के रहने वाले रूपेश सोनी की असमय मौत से सहमे और गुस्साए छात्रों ने रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद करा दिए, जिसके चलते इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों लाचार मरीजों को भारी असुविधा उठानी पड़ी।
दुर्घटना और मौत का पूरा मामला
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार की देर रात करीब एक बजे के आसपास हुआ। जेएलएनएमसीएच के स्थापना दिवस समारोह का आयोजन समाप्त होने के बाद रूपेश सोनी अपनी स्कूटी पर सवार होकर तिलकामांझी की तरफ लौट रहे थे। इसी दौरान कटहलबाड़ी के समीप एक बेहद तेज रफ्तार कार ने उनकी स्कूटी में सीधी और जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर का प्रभाव इतना भयानक था कि रूपेश उछलकर सड़क पर जा गिरे। इस भीषण हादसे में उनके सिर और सीने में गंभीर आंतरिक चोटें आईं।
दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों और पुलिस की मदद से घायल रूपेश को मायागंज अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच भेज दिया। पटना में जिंदगी और मौत से जूझते हुए शुक्रवार को इलाज के दौरान रूपेश सोनी ने अंतिम सांस ली।
पुलिस जांच में यह बात साबित हुई है कि दुर्घटना में शामिल कार को जेएलएनएमसीएच के रेडियोलॉजी विभाग में कार्यरत पीजी छात्र डॉ. गौरव एस चला रहा था। मेडिकल जांच के दौरान उसके शरीर में 40 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल पाया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि वह भारी नशे में था। घटना के तुरंत बाद आरोपी चालक ने घायल छात्र को सड़क किनारे छोड़कर वहां से भागने का प्रयास किया। हालांकि, गश्त पर मौजूद डायल-112 की पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस ने ट्रैफिक थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी डॉ. गौरव को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
ओपीडी बंद होने से मरीज परेशान
शनिवार सुबह जब सामान्य दिनों की तरह अस्पताल की ओपीडी में इलाज कराने के लिए पंजीयन का कार्य चल रहा था, तब काउंटरों के बाहर भागलपुर समेत बांका, जमुई और पड़ोसी जिलों से आए मरीजों की लंबी कतारें लगी थीं। इसी दौरान भारी संख्या में एकजुट होकर एमबीबीएस छात्र वहां पहुंचे। छात्रों ने वहां जोरदार नारेबाजी करते हुए ओपीडी के सभी पंजीयन काउंटरों को जबरन बंद करा दिया।
ओपीडी सेवाएं अचानक ठप हो जाने से दूर-दूर से आए गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ी। घंटों इंतजार करने के बाद कई लाचार मरीजों को बिना डॉक्टरी सलाह और दवा लिए ही निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
आंदोलनकारी मेडिकल छात्रों की मांगें
रूपेश सोनी की मौत के बाद सीनियर (पीजी) और जूनियर (एमबीबीएस) छात्रों के बीच आपसी खिंचाव और तनाव काफी बढ़ गया है। विरोध जता रहे जूनियर डॉक्टरों और छात्रों ने प्रशासन के सामने तीन मुख्य मांगें रखी हैं:
- सह-आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी: हादसे के समय कार में मौजूद अन्य पीजी छात्रों और छात्राओं को, जिन्हें पुलिस ने पीआर बांड पर रिहा कर दिया है, उन्हें भी तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- कॉलेज से निष्कासन: मुख्य आरोपी पीजी छात्र डॉ. गौरव एस समेत कार में सवार चारों दोषी छात्रों को संस्थान से तुरंत प्रभाव से रस्टीकेट किया जाए।
- आर्थिक सहायता: मृतक छात्र रूपेश सोनी के शोकाकुल परिवार को प्रशासन की तरफ से उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।
घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी
| पद / संदर्भ | संबंधित व्यक्ति या विवरण |
|---|---|
| मृतक छात्र | रूपेश सोनी (एमबीबीएस तृतीय वर्ष, निवासी- गांधीनगर, नई दिल्ली) |
| गिरफ्तार आरोपी | डॉ. गौरव एस (पीजी छात्र, रेडियोलॉजी विभाग, जेएलएनएमसीएच) |
| कॉलेज प्राचार्य | डॉ. संदीप लाल |
| अस्पताल अधीक्षक | डॉ. एचपी दुबे |
| जिलाधिकारी (भागलपुर) | अलंकृता पांडेय |
| वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक | प्रमोद कुमार यादव (एसएसपी) |
प्रशासन की पहल और पुलिस बल की तैनाती
हालात की गंभीरता को देखते हुए जेएलएनएमसीएच के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल और अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचपी दुबे ने हॉस्टल और अस्पताल की स्थिति पर तुरंत एक आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक के बाद दोनों अधिकारियों ने सीधे भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव से मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी।
जिला प्रशासन के निर्देश पर सदर एसडीएम ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर आंदोलन पर बैठे छात्रों से बातचीत की। एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि कानून के तहत पूरी निष्पक्षता से कार्रवाई की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
“कॉलेज और हॉस्टल परिसर में सीनियर और जूनियर छात्रों के बीच टकराव रोकने तथा शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थिति पर पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है।” — स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी
फिलहाल परिसर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण शांति बनी हुई है, लेकिन छात्रों में गहरा रोष व्याप्त है। ओपीडी ठप रहने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर सामान्य होने में समय लग सकता है।







