भारत में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां रात के 9 बजते ही टीवी स्क्रीन पर अमिताभ बच्चन की भारी-भरकम और दमदार आवाज न गूंजती हो। “देवियों और सज्जनों…” सुनते ही पूरे परिवार का एक साथ टीवी के सामने बैठ जाना, केबीसी का यह जादू पिछले कई सालों से लगातार हमारे घरों में बना हुआ है। अब एक बार फिर, ‘कौन बनेगा करोड़पति’ अपने 18वें सीजन के साथ 10 अगस्त से हमारे बीच वापसी कर रहा है। लेकिन रुकिए, इस बार का केबीसी वैसा बिल्कुल नहीं होने वाला जैसा आप सालों से देखते आ रहे हैं। इस बार खेल के नियम, सवाल पूछने का अंदाज और हॉट सीट पर बैठने वाले कंटेस्टेंट्स की परीक्षा का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है। बदलते दौर की जरूरतों को देखते हुए शो के मेकर्स इस बार कुछ ऐसा लेकर आ रहे हैं जो दर्शकों और खिलाड़ियों दोनों को हैरान कर देगा।
इस बार की थीम ‘सोचना पड़ेगा’ क्यों है बेहद खास?
इस बार शो की सबसे अनोखी बात है इसकी बिल्कुल नई थीम, जो है – ‘सोचना पड़ेगा’। आपने केबीसी के नए प्रोमो में महानायक अमिताभ बच्चन को यह कहते सुना होगा कि आज के दौर में ज्ञान आपकी जेब में घूमता है। स्मार्टफोन और सस्ते इंटरनेट ने हमें इस कदर सुविधा दे दी है कि किसी भी सवाल का जवाब बस एक क्लिक में मिल जाता है। ऐसे में सिर्फ सामान्य ज्ञान रटकर या ऐतिहासिक तारीखें याद रखकर कोई करोड़पति नहीं बन पाएगा। अब असली परीक्षा इस बात की होगी कि आप किसी उलझन को सुलझाने के लिए कितना दिमाग चलाते हैं।
अमिताभ बच्चन ने प्रोमो में साफ कहा है कि आजकल जवाब हर जगह मिल जाता है, लेकिन उस जवाब तक पहुंचने की जो प्रक्रिया है, असली खेल वहीं छिपा है। इसका मतलब यह है कि इस बार शो में प्रतिभागियों की समझ, उनकी तुरंत फैसला लेने की क्षमता और मुश्किल हालात में ठंडे दिमाग से काम लेने की कला को परखा जाएगा।
आखिर कैसे बदल जाएंगे केबीसी के सवाल?
अब आपके मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि जब सवालों का तरीका बदलेगा, तो आखिर किस तरह के सवाल पूछे जाएंगे? चलिए इसे थोड़ा आसान शब्दों में समझने की कोशिश करते हैं। पहले के सीजन में सीधे और सपाट सवाल पूछे जाते थे, जैसे किसी ऐतिहासिक लड़ाई का साल या किसी किताब के लेखक का नाम। लेकिन इस बार सवालों का पैटर्न काफी घुमावदार और दिमागी कसरत कराने वाला होगा:
- सीधे रटने वाले सवालों की छुट्टी: अब सिर्फ याददाश्त के भरोसे गेम जीतना नामुमकिन होगा। सवालों में छिपे हुए संकेतों को समझना होगा।
- तर्क और विश्लेषण पर जोर: सवाल ऐसे होंगे जहां आपको चार विकल्पों के बीच छिपे लॉजिक को समझना होगा। कई बार सही जवाब आपके सामने होगा, लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता टेढ़ा-मेढ़ा होगा।
- परिस्थितिजन्य सवाल: इतिहास, भूगोल और विज्ञान के ऐसे सवाल पूछे जा सकते हैं जो सीधे न होकर किसी घटना या परिस्थिति से जुड़े होंगे।
- लाइफलाइन्स का स्मार्ट इस्तेमाल: जब सवाल कठिन और पेचीदा होंगे, तो लाइफलाइन्स का इस्तेमाल करने के लिए भी खिलाड़ियों को बहुत बड़ी रणनीति बनानी होगी।
ढाई दशकों का बेमिसाल सफर और अमिताभ बच्चन का जादू
साल 2000 में जब इस शो की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह भारतीय टेलीविजन के इतिहास का सबसे बड़ा मील का पत्थर बन जाएगा। इस शो ने न जाने कितने लोगों की जिंदगी को रातों-रात बदल दिया। केबीसी ने केवल लोगों को अमीर नहीं बनाया, बल्कि समाज के हर वर्ग के संघर्ष और उनकी कामयाबी की सच्ची कहानियों को देश के सामने रखा।
तीसरे सीजन को छोड़ दें, जिसकी कमान शाहरुख खान ने संभाली थी, बाकी सभी सीजन में अमिताभ बच्चन ने अपनी जादुई प्रस्तुति से इस शो को हर घर का पसंदीदा शो बनाए रखा। आज 80 पार की उम्र में भी जब वे उसी जोश और ऊर्जा के साथ हॉट सीट के सामने खड़े होते हैं, तो दर्शक अपनी नजरें स्क्रीन से हटा नहीं पाते। कंटेस्टेंट्स के साथ उनका दोस्ताना व्यवहार, उनकी बातों में छिपा मजाक और गंभीर मौकों पर उनका ढांढस बंधाना ही इस शो की असली जान है।
घर बैठे दर्शकों के लिए भी बढ़ जाएगा रोमांच
इस नए बदलाव का असर सिर्फ हॉट सीट पर बैठने वाले कंटेस्टेंट्स पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि घर बैठे दर्शकों के लिए भी खेल बहुत मजेदार होने वाला है। जो लोग अपने मोबाइल पर ‘केबीसी प्ले अलॉन्ग’ खेलते हैं, उनके लिए भी अब गूगल सर्च करके तुरंत जवाब देना आसान नहीं होगा। आपको भी टीवी स्क्रीन के सामने बैठकर उतनी ही दिमागी कसरत करनी होगी जितनी हॉट सीट पर बैठा खिलाड़ी कर रहा होगा। इससे परिवार के लोग आपस में चर्चा करेंगे, बहस करेंगे और मिलकर सही जवाब तक पहुंचने की कोशिश करेंगे, जो इस शो के पारिवारिक माहौल को और मजबूत बनाएगा।
इस नए सफर के लिए कितने तैयार हैं आप?
कुल मिलाकर कहें तो केबीसी 18 इस बार केवल एक क्विज शो नहीं रह जाएगा, बल्कि यह हमारी दिमागी क्षमता को जांचने का एक बड़ा मंच बनने वाला है। नई थीम, बदले हुए नियम और अमिताभ बच्चन का सदाबहार अंदाज इस सीजन को बेहद रोमांचक बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 10 अगस्त से शुरू होने वाले इस सफर में देखना दिलचस्प होगा कि इस बार कौन अपनी सूझबूझ और शांत दिमाग के दम पर सात करोड़ रुपये की बड़ी रकम अपने नाम कर पाता है। तो आप भी अपने दिमाग की बत्ती जला लीजिए और केबीसी के इस नए और अनोखे खेल का लुत्फ उठाने के लिए तैयार हो जाइए!








