तेहरान,अंग भारत। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से अपने कथित असली दुश्मन को पहचानने और उसकी रणनीति को समझने की अपील की है। इस्लामिक एकता सप्ताह के मौके पर रविवार को जारी संदेश में उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर मुस्लिम देशों के बीच एकता और दोस्ती के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।
मुस्लिम देशों के शासकों से एकजुट होने की अपील
ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, खामेनेई ने अपने संदेश में खास तौर पर पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के मुस्लिम देशों के शासकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इन देशों को अपने असली दुश्मन की पहचान करनी चाहिए, उसकी योजनाओं को समझना चाहिए और उसका मुकाबला करना चाहिए।उन्होंने कहा कि प्रभावशाली और मजबूत इस्लामिक सभ्यता के निर्माण के लिए मुस्लिम देशों के बीच एकता बेहद जरूरी है। खामेनेई ने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल इस एकता के सबसे बड़े विरोधी हैं।
अमेरिका-इजराइल पर लगाया गंभीर आरोप
खामेनेई ने कहा कि वाशिंगटन और तेल अवीव को केवल ईरान का दुश्मन मानना पर्याप्त नहीं है। उनके मुताबिक, दोनों देश पूरे इस्लामिक जगत के लिए खतरा हैं। उन्होंने मुस्लिम देशों से आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर एकजुट होने का आह्वान किया।उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है। हाल के महीनों में दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव और कूटनीतिक तनाव ने पूरे क्षेत्र की स्थिति को प्रभावित किया है।
ईरान-अमेरिका तनाव का पुराना सिलसिला
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया था, जब फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने उन क्षेत्रीय ठिकानों को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी थी।इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें शुरू हुईं। अप्रैल में ईरान और अमेरिका युद्धविराम पर सहमत हुए थे। जून में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता ज्ञापन भी हुआ था। इसका मकसद सैन्य टकराव को खत्म कर आगे स्थायी शांति समझौते की दिशा में बढ़ना था।
बातचीत के बीच फिर बढ़ा तनाव
हालांकि, यह समझौता ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सका। पिछले महीने दोनों देशों के बीच फिर से सैन्य टकराव शुरू हो गया। करीब दो सप्ताह तक दोनों ओर से हमले जारी रहे।इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की खबरों के बीच अचानक बमबारी रोकने का फैसला किया। इसके बाद भी दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।अब अमेरिका की ओर से ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए आर्थिक नाकाबंदी की कार्रवाई शुरू किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे माहौल में खामेनेई का मुस्लिम देशों से एकजुट होने का आह्वान क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







