पटना,अंग भारत| बिहार में भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है कि राज्य में मानसून पूर्व की गतिविधियों और चक्रवाती प्रभाव के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी, मेघ गर्जन और बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे चिलचिलाती धूप से जल्द निजात मिलने की प्रबल संभावना है। यह बदलाव तापमान में गिरावट लाएगा, जो पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रहा था और जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा था।
मौसम में बड़ा बदलाव
राज्य के मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वातावरण में नमी की मात्रा अचानक बढ़ी है। इसका मुख्य कारण एक ट्रफ रेखा का सक्रिय होना है, जो उत्तर-पश्चिम भारत से होकर बिहार के ऊपर से गुजर रही है। इस बदलाव से हवा की गति में तीव्रता आएगी, जो कहीं-कहीं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है। लोगों को अब घर से निकलते समय मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है क्योंकि यह बारिश किसी भी समय शुरू हो सकती है।
32 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने अत्यधिक सतर्कता बरतते हुए बिहार के 32 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ तेज बिजली गिरने की भी आशंका है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि प्रशासन और आम नागरिकों को खराब मौसम के लिए तैयार रहना चाहिए।
- उत्तर बिहार: पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर।
- सीमांचल क्षेत्र: सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा।
- मध्य और दक्षिण बिहार: पटना, नालंदा, गया, नवादा, जमुई, बांका, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, बेगूसराय, खगड़िया।
- अन्य जिले: गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, जहानाबाद।
येलो अलर्ट वाले जिले
शेष 6 जिलों के लिए विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें भोजपुर, बक्सर, भभुआ, रोहतास, अरवल और औरंगाबाद शामिल हैं। इन इलाकों में फिलहाल भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन मध्यम स्तर की वर्षा और तेज हवाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। यद्यपि इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट नहीं है, फिर भी स्थिति किसी भी क्षण बदल सकती है।
वज्रपात से बचाव
बिहार में मानसून पूर्व के मौसम में वज्रपात (बिजली गिरना) एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान सावधानी ही सुरक्षा है। निम्नलिखित बातों का पालन करें:
“खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और खुले मैदानों से दूर रहना ही जान बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि आप घर से बाहर हैं, तो किसी पक्के मकान की शरण लें।”
- मोबाइल का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें, यदि संभव हो तो फोन बंद रखें।
- खेतों में काम करने वाले किसान बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- बिजली के उपकरणों को मुख्य स्विच से बंद रखें ताकि शॉर्ट सर्किट से बचा जा सके।
- बच्चों और बुजुर्गों को इस दौरान घर के अंदर ही रखें।
तापमान में गिरावट
इस बदलाव का सबसे सकारात्मक असर तापमान पर पड़ेगा। जो पारा पिछले सप्ताह 40-42 डिग्री सेल्सियस के करीब बना हुआ था, वह अब 3-5 डिग्री तक लुढ़क सकता है। ठंडी हवाएं और बारिश की फुहारें जमीन की गर्मी को सोख लेंगी, जिससे किसानों को भी अपनी फसलों के लिए सिंचाई के दबाव से राहत मिलेगी। हालांकि, जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि अचानक तेज बारिश से निचले इलाकों में पानी भर सकता है।
स्थानीय प्रशासन ने आपदा नियंत्रण कक्षों को अलर्ट कर दिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। यदि आप यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर चेक करें, क्योंकि तेज आंधी के कारण सड़कों पर आवाजाही बाधित हो सकती है।








