सहरसा,अंग भारत। सहरसा जिले में हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान और बेमौसम अतिवृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। अपनी फसल को बर्बाद होते देख किसान गहरे संकट में हैं। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए सिमरी बख्तियारपुर के विधायक संजय कुमार सिंह ने जिलाधिकारी दीपेश कुमार से मुलाकात की है। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य जिला प्रशासन पर दबाव बनाना था ताकि प्रभावित किसानों को बिना किसी देरी के सरकारी मुआवजा मिल सके। विधायक ने जिलाधिकारी के समक्ष इस बात पर जोर दिया कि प्राकृतिक आपदा ने किसानों की आजीविका छीन ली है, इसलिए राहत कार्य में किसी भी तरह की लेत-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों का भारी नुकसान
आंधी और बारिश का कहर सिमरी बख्तियारपुर क्षेत्र में सबसे अधिक देखने को मिला है। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से बिछ चुकी हैं, जिससे कटाई के कगार पर खड़ी उपज बर्बाद हो गई है। विधायक संजय कुमार सिंह ने जिलाधिकारी दीपेश कुमार को विस्तार से बताया कि कैसे प्रकृति की मार ने किसानों के पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फेर दिया है। फसल बर्बाद होने के कारण छोटे और सीमांत किसानों के सामने अब परिवार के भरण-पोषण और आगामी खेती के लिए बीज-खाद जुटाने का संकट पैदा हो गया है।
मुआवजा प्रक्रिया में तेजी
इस मुलाकात के दौरान विधायक ने जिला प्रशासन से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:
- प्रभावित क्षेत्रों का अविलंब राजस्व अधिकारियों द्वारा सर्वे कराया जाए।
- फसल क्षति का आकलन करते समय वास्तविक नुकसान को आधार बनाया जाए।
- मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध किया जाए।
- जिन किसानों के घरों को आंधी से नुकसान पहुंचा है, उन्हें भी आपदा राहत कोष से मदद दी जाए।
प्रशासनिक सक्रियता जरूरी
विधायक संजय कुमार सिंह ने जिलाधिकारी दीपेश कुमार से कहा कि कागजी खानापूर्ति करने से किसानों का दर्द कम नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन को जमीन पर उतरकर स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए। डीएम ने विधायक को आश्वासन दिया कि कृषि विभाग और आपदा प्रबंधन शाखा के अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए जा रहे हैं। शीघ्र ही टीम प्रभावित खेतों का भौतिक सत्यापन करेगी और रिपोर्ट के आधार पर अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
विकास कार्यों पर चर्चा
इस बैठक में केवल फसल नुकसान ही नहीं, बल्कि सिमरी बख्तियारपुर के समग्र विकास पर भी गहन बातचीत हुई। विधायक संजय कुमार सिंह ने जिलाधिकारी के साथ मिलकर क्षेत्र की आधारभूत संरचनाओं, जैसे सड़कों की हालत और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका पहला कर्तव्य अपने क्षेत्र के हर वर्ग को उनके हक दिलाना है और वे इस मामले को तब तक फॉलो करेंगे जब तक कि किसानों के हाथों में मुआवजे की राशि न पहुंच जाए।
अगले कदम और उम्मीद
फिलहाल, सहरसा प्रशासन द्वारा सर्वे का कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। किसानों के लिए अब यह समय धैर्य रखने का है, लेकिन सरकारी तंत्र की रफ्तार ही यह तय करेगी कि उन्हें सही समय पर राहत मिलेगी या नहीं। विधायक ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि मुआवजे के वितरण में देरी या लापरवाही बरती गई, तो इस मुद्दे को और भी मजबूती से उठाया जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन की ओर से कितनी तेजी से ‘किसान सहायता पोर्टल’ या अन्य माध्यमों से राहत का भुगतान सुनिश्चित किया जाता है।
“प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति की भरपाई करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। मैंने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि किसानों को उनका वाजिब हक दिलाने में कोई कोताही न हो।” – संजय कुमार सिंह, विधायक, सिमरी बख्तियारपुर।








