बांका,अंग भारत। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी और दोपहर के समय चल रही तेज लू को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान और बढ़ते तापमान के बीच प्रशासन ने आशंका जताई है कि दोपहर की भीषण गर्मी बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बांका जिला प्रशासन ने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों के लिए विशेष आदेश जारी किया है।
Read more…………..भागलपुर में भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल, लोग घरों में कैद
26 और 27 मई तक लागू रहेगा आदेश
जिला दंडाधिकारी नवदीप शुक्ला द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में पूर्वाह्न 10:30 बजे के बाद शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्री-स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और कोचिंग संस्थानों पर भी लागू रहेगा।प्रशासन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि 26 मई से 27 मई 2026 तक जिले में यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी। इस दौरान किसी भी शिक्षण संस्थान में 10:30 बजे के बाद कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन और संस्थान संचालकों को आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
अभिभावकों और बच्चों को मिली बड़ी राहत
पिछले कुछ दिनों से बांका समेत बिहार के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं और गर्म हवाओं के कारण आम लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे मौसम में छोटे बच्चों के स्कूल आने-जाने को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई थी। प्रशासन के इस फैसले के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह के समय स्कूल संचालन होने से बच्चों को लू और तेज धूप से बचाया जा सकेगा। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी सलाह दी है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान बच्चों को पर्याप्त पानी, हल्का भोजन और धूप से बचाव जरूरी है।
आदेश उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही स्कूलों को समय में तत्काल बदलाव कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रशासन का यह कदम बच्चों की सेहत और सुरक्षा को लेकर संवेदनशील पहल माना जा रहा है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।










