नई दिल्ली,अंग भारत। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा में शुक्रवार को हरिवंश के लगातार तीसरी बार उपसभापति निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने इसे सदन द्वारा व्यक्त गहरे विश्वास का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह उनकी कार्यशैली, अनुभव और संतुलित नेतृत्व की स्वीकृति है।
Read more…………हरिवंश तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति बने निर्विरोध
सदन के विश्वास का प्रतीक: प्रधानमंत्री
राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी सदस्य का लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना जाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि सदन ने उनके कार्य और व्यवहार पर पूरी तरह भरोसा जताया है।उन्होंने कहा कि हरिवंश ने अपने पिछले कार्यकाल में सदन की कार्यवाही का कुशल संचालन किया है और सभी पक्षों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है। यही कारण है कि उन्हें फिर से इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।
अनुभव और संतुलित कार्यशैली की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हरिवंश की कार्यशैली में संतुलन, शालीनता और स्पष्टता का समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि उपसभापति के रूप में उन्होंने सदन के माहौल को और अधिक परिपक्व बनाने में योगदान दिया है।प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनका नया कार्यकाल भी उसी समर्पण और गरिमा के साथ आगे बढ़ेगा और राज्यसभा नई ऊंचाइयों को छुएगी।
संसदीय योगदान और सार्वजनिक जीवन
प्रधानमंत्री ने हरिवंश के संसदीय योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने राज्यसभा सदस्य बनने के बाद अपना अधिकांश समय संसदीय कार्यों को समर्पित किया है। सभापति की अनुपस्थिति में उन्होंने सदन का संचालन प्रभावी ढंग से किया है।उन्होंने यह भी बताया कि हरिवंश ने देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 350 से अधिक कार्यक्रमों में भाग लेकर युवाओं से संवाद कायम रखा है। इससे लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ी है।
शिक्षा और शोध के क्षेत्र में योगदान
प्रधानमंत्री ने हरिवंश द्वारा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि मगध विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केंद्र की स्थापना में उनका योगदान रहा है। साथ ही सांसद निधि के उपयोग में भी उन्होंने एक आदर्श प्रस्तुत किया है।इसके अलावा गंगा और घाघरा नदियों के बीच कटाव की समस्या के समाधान के लिए रिवर रिसर्च सेंटर की स्थापना को भी प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण पहल बताया।
चंद्रशेखर से जुड़ाव का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्र शेखर की जयंती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हरिवंश का चंद्रशेखर से गहरा जुड़ाव रहा है और इसी दिन उनका तीसरी बार इस पद पर आसीन होना एक विशेष संयोग है।उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के इस दौर में देश को आगे बढ़ाने में संसद की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें उपसभापति सहित सभी सदस्यों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।










