बिहार,अंग भारत| खगड़िया जिले में आगामी 9 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण आयोजन सिविल कोर्ट खगड़िया और अनुमंडलीय सिविल कोर्ट गोगरी में एक साथ किया जाएगा। इसको लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार खगड़िया की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं और विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
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तैयारियों को लेकर तेज हुई गतिविधियां
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव चंदन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह राष्ट्रीय लोक अदालत, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देश पर आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बार अधिक से अधिक मामलों के निपटारे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार खगड़िया, राजेश कुमार बच्चन के मार्गदर्शन में लगातार समीक्षा बैठकें हो रही हैं।
बैंकिंग मामलों पर विशेष फोकस
इसी क्रम में 22 अप्रैल को बैंकों के जिला संयोजकों और लीड जिला प्रबंधक (एलडीएम) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बैंकों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की गई। साथ ही अब तक चिन्हित किए गए ऋणियों और उन्हें भेजे गए नोटिस की स्थिति पर भी चर्चा हुई।अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे अधिक से अधिक मामलों की पहचान की जाए, जिन्हें लोक अदालत के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। संबंधित पक्षकारों को समय पर सूचना देने और उन्हें लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया।
प्रचार-प्रसार बढ़ाने की रणनीति
बैठक में यह भी तय किया गया कि इस बार पिछले लोक अदालत की तुलना में बैंकिंग मामलों के निपटारे की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने की रणनीति बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अवसर का लाभ उठा सकें।
अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील
इसके अतिरिक्त जिला विधिज्ञ संघ खगड़िया के अधिवक्ताओं के साथ भी एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संघ के अध्यक्ष चंद्रदेव प्रसाद यादव, सचिव नागेश्वर प्रसाद गुप्ता सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी अधिवक्ताओं से अपील की गई कि वे अपने-अपने मुवक्किलों को लोक अदालत के फायदे समझाएं और अधिक से अधिक मामलों को इसमें लाने के लिए प्रेरित करें।अधिवक्ताओं ने भी भरोसा दिलाया कि वे सक्रिय भूमिका निभाते हुए लोगों को लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित समाधान के लिए जागरूक करेंगे। उनका मानना है कि लोक अदालत एक प्रभावी मंच है, जहां कम समय में आपसी सहमति से मामलों का निपटारा संभव है।प्रशासन और न्यायिक तंत्र की इस संयुक्त पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार लोक अदालत में रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निपटारा होगा और लोगों को जल्द न्याय मिलने का रास्ता आसान होगा।










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