फतेहाबाद,अंग भारत। हरियाणा में गेहूं खरीद प्रक्रिया में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ किसानों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने एकजुट होकर फतेहाबाद जिले के रतिया में बुढलाडा मार्ग स्थित संजय गांधी चौक पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान कई घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
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रतिया और टोहाना में बड़ा विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन के तहत रतिया में सुबह 11 बजे से ही किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली और झंडों के साथ संजय गांधी चौक पर पहुंच गए और सड़क के बीच धरने पर बैठ गए। इसके साथ ही टोहाना में भी किसानों ने हिसार रोड पर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।इस आंदोलन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, किसानों ने एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को रास्ता देकर मानवीय पहलू भी दिखाया।
बायोमेट्रिक हाजिरी पर किसानों का विरोध
किसान नेताओं का कहना है कि सरकार द्वारा गेहूं खरीद के दौरान बायोमेट्रिक हाजिरी की शर्त लागू करना व्यावहारिक नहीं है। भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहा) के जिला अध्यक्ष निर्भय सिंह और भारतीय किसान यूनियन से जुड़े अमन सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि इस फैसले से किसानों और आढ़तियों दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर खरीद प्रक्रिया को जटिल बना रही है, जिससे किसानों को आर्थिक और प्रशासनिक दबाव में डाला जा सके।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरने के दौरान किसान नेता राजविंदर सिंह चहल और राम जाट ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो पूरे हरियाणा को बंद किया जाएगा।किसानों ने साफ किया कि उनका उद्देश्य आम जनता को परेशान करना नहीं है, बल्कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाना है। उनका कहना है कि जब तक बायोमेट्रिक हाजिरी की शर्त हटाई नहीं जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन और पुलिस रही मुस्तैद
स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। पब्लिक हेल्थ विभाग की एसडीओ आंचल जैन को मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया था। वहीं, सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।पुलिस ने जाम के कारण आम लोगों को हो रही परेशानी को कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की। छोटे वाहनों को डायवर्ट कर दूसरे रास्तों से निकाला गया, लेकिन मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा।
लोगों को उठानी पड़ी परेशानी
रतिया से पंजाब और अन्य शहरों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर जाम के कारण परिवहन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और कई लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे।इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर किसानों और सरकार के बीच बढ़ते टकराव को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस विरोध के बाद क्या रुख अपनाती है।










