पटना,अंग भारत। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में ग्रामीण कार्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई और अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए।
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ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन और संपर्क व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सड़कों और पुलों का निर्माण तथा उनका नियमित रख-रखाव बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहले से निर्मित ग्रामीण सड़कों का लगातार निरीक्षण किया जाए और जरूरत के अनुसार उनका सुदृढ़ीकरण कराया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण जनता को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम किया जाना चाहिए।
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में न हो देरी
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को सड़कों के रख-रखाव की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। समय पर मरम्मत और रख-रखाव से सड़कें लंबे समय तक उपयोगी बनी रहती हैं और लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलती है।उन्होंने यह भी कहा कि विभाग को नियमित निगरानी तंत्र विकसित करना चाहिए ताकि खराब सड़कों की जानकारी तुरंत मिल सके और त्वरित कार्रवाई की जा सके।
ग्रामीण सड़कों के चौड़ीकरण को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बढ़ती जनसंख्या और यातायात की आवश्यकताओं को देखते हुए ग्रामीण सड़कों के चौड़ीकरण की योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार तक पहुंच आसान होती है।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सड़क विकास की योजनाएं तैयार की जाएं और उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए।
नई परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने नई सड़क परियोजनाओं के चयन में जनहित, यातायात की जरूरत और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिक आधार बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की आवश्यकता अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाए और कार्यों को गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए।बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव दिवेश सेहरा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।










