बांका,अंग भारत। आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो, इसके लिए बुधवार को बांका जिले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निरीक्षण अभियान चलाया गया। बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी, पटना की उच्चस्तरीय टीम ने जिले के सात प्रमुख प्रखंडों—अमरपुर, बांका, बाराहाट, बौंसी, फुल्लीडुमर, शंभूगंज और बेलहर—में स्थित लोक सेवा केंद्रों (RTPS काउंटर) का औचक निरीक्षण किया।इस निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर सेवाओं की वास्तविक स्थिति को परखना था। टीम ने प्रत्येक केंद्र पर पहुंचकर आवेदन प्रक्रिया, समयसीमा में निष्पादन और अस्वीकृत आवेदनों के कारणों की गहराई से जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हर निर्णय पारदर्शी और दस्तावेज़ आधारित होना चाहिए ताकि आम जनता का भरोसा प्रशासन पर बना रहे।
सात प्रखंडों में सेवाओं की गहन जांच अभियान
निरीक्षण दल ने केवल कार्यप्रणाली ही नहीं, बल्कि केंद्रों की मूलभूत सुविधाओं, रिकॉर्ड रखरखाव और डिजिटल प्रणाली की स्थिति का भी मूल्यांकन किया। टीम ने यह देखा कि क्या सभी RTPS केंद्रों पर नागरिकों को उचित सुविधा मिल रही है या नहीं।कर्मचारियों के व्यवहार और कार्यशैली पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि जनता के साथ संवाद में संवेदनशीलता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कहीं भी लापरवाही या अनियमितता मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता पर जोर
इस अभियान की खास बात यह रही कि टीम में पारुल प्रिया शामिल थीं, जो पहले बांका जिले की डीसीएलआर रह चुकी हैं। उनके स्थानीय अनुभव का लाभ निरीक्षण के दौरान स्पष्ट रूप से देखने को मिला। टीम ने कई स्थानों पर मौके पर ही सुधारात्मक निर्देश जारी किए ताकि सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।निरीक्षण दल में किरण सिंह, पारुल प्रिया, अर्चना भारती, चितरंजन प्रसाद और ब्रजकिशोर सदानंद शामिल रहे। तकनीकी सहयोग के लिए आईटी टीम के सदस्य सिद्धार्थ कुमार, मो. तौसीफ आलम, सुनील कुमार, विवेक कुमार और गौरव कांत मौजूद थे। साथ ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी पूरी प्रक्रिया में सक्रिय रहे।यह पूरी कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सरकार सुशासन और डिजिटल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में लगातार गंभीर प्रयास कर रही है।









