राम मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू और मंत्रिमंडल के सदस्य
शिमला,अंग भारत| अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावे में गड़बड़ी को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपने मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों के साथ शिमला के राम बाजार स्थित राम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान श्रीराम के दर्शन किए, पूजा-अर्चना की और कीर्तन में भी हिस्सा लिया।मुख्यमंत्री के साथ मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजेश धर्माणी, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और शिमला शहरी से विधायक हरीश जनारथा भी इस दौरान मंदिर पहुंचे।
‘चढ़ावे में गड़बड़ी हुई तो यह आस्था का मामला’
मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए जब पूरे देश में चंदा जुटाया जा रहा था, तब वह विधायक थे और उन्होंने भी अपनी श्रद्धा के अनुसार योगदान दिया था।उन्होंने कहा कि देशभर के लोगों ने भगवान राम के प्रति आस्था रखते हुए धन, गहने और अन्य चढ़ावा अर्पित किया था। अगर उस चढ़ावे में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है, तो यह सिर्फ पैसों का मामला नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की है कि राम के नाम पर राजनीति करने वालों और चंदे में गड़बड़ी करने वालों को सद्बुद्धि मिले।
राम के आदर्शों पर चलने की बात कही
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भगवान श्रीराम के आदर्शों और मूल्यों को अपने कामकाज में अपनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाती है और भगवान राम के सच्चे अनुयायी उनके नाम पर राजनीति नहीं करते।उन्होंने यह भी कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर केंद्र सरकार ने आधे दिन का अवकाश घोषित किया था, जबकि हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूरे दिन का सार्वजनिक अवकाश दिया था।
एसआईटी जांच पर भी दिया जवाब
राम मंदिर से जुड़े मामले में एसआईटी जांच के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून अपना काम करता है और जांच एजेंसियां अपने तरीके से कार्रवाई करती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी मामले में व्यक्ति की नीयत और भावना सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है।उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि राम मंदिर की प्रक्रिया में उनका भी महत्वपूर्ण योगदान रहा था। साथ ही उन्होंने दोहराया कि उनका मंत्रिमंडल सभी धर्मों का सम्मान करता है और हिंदू संस्कृति में पूरी आस्था रखता है।
भाजपा की आलोचना का दिया जवाब
मुख्यमंत्री सुक्खू ने हिमाचल भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की टिप्पणियों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से पूरी श्रद्धा के साथ भगवान राम की पूजा करते आ रहे हैं और उनके बताए सत्य, ईमानदारी और सेवा के रास्ते पर चलने का प्रयास करते हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
‘रामराज्य की भावना से काम कर रही है सरकार’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार रामराज्य की भावना के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है। उनका कहना था कि सरकार का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर लोगों की आस्था का सम्मान होना चाहिए और सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।











