कोलकाता, अंग भारत| पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है। सुबह ठीक 10 बजे शुरू होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में राज्य के नए मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। उनके साथ दो उपमुख्यमंत्रियों और एक नई कैबिनेट टीम को भी शपथ दिलाई जाएगी। पश्चिम बंगाल के इतिहास में यह पहली बार है जब भाजपा राज्य की सत्ता संभाल रही है, जिससे पूरे देश की निगाहें कोलकाता पर टिकी हैं।
ऐतिहासिक दिन और महत्ता
यह शपथ ग्रहण केवल एक सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में आए बड़े बदलाव का संकेत है। ब्रिगेड परेड मैदान, जो दशकों से राजनीतिक रैलियों का गवाह रहा है, आज राज्य के नए नेतृत्व के उदय का साक्षी बनेगा। भाजपा के लिए यह जीत केवल चुनावी आंकड़े नहीं, बल्कि एक लंबे संघर्ष का परिणाम है। पार्टी कार्यकर्ताओं में इस समारोह को लेकर अद्भुत उत्साह है और वे इसे ‘बंगाल के नव-निर्माण’ की दिशा में पहला कदम मान रहे हैं।
रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती का संयोग
शपथ ग्रहण के लिए इस तारीख का चयन काफी सोच-समझकर किया गया है। बंगाली पंचांग के अनुसार आज बैसाख महीने का 25वां दिन है, जो महान कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती के रूप में मनाया जाता है। भाजपा ने इस सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण दिन को चुना है ताकि बंगाल की समृद्ध विरासत और आधुनिक राजनीति का एक अनूठा संगम प्रस्तुत किया जा सके। कार्यक्रम स्थल की सजावट में भी पारंपरिक बंगाली कला और आधुनिक तकनीक का बखूबी मेल देखने को मिल रहा है, जो बंगाली अस्मिता के प्रति पार्टी के सम्मान को दर्शाता है।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें केंद्र और राज्यों के तमाम बड़े चेहरे शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वाले दिग्गजों में शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा
- केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान
इनके अलावा विभिन्न भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ संगठनात्मक पदाधिकारी कोलकाता पहुंच चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
निमंत्रण और राजनीतिक शिष्टाचार
लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखते हुए, भाजपा ने राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और मेयर फिरहाद हाकिम को भी समारोह में आमंत्रित किया है। यह कदम राजनीतिक कटुता से हटकर एक स्वस्थ संसदीय परंपरा के पालन की दिशा में देखा जा रहा है। इसके साथ ही उद्योग जगत के दिग्गज, सांस्कृतिक हस्तियां और विभिन्न कूटनीतिक मिशनों के प्रतिनिधि भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे।
मंत्रिमंडल पर सबकी नजर
हालांकि अभी तक आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन दिल्ली और कोलकाता में चली कई दौर की बैठकों के बाद संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा तेज है। गलियारों में जो नाम सबसे ज्यादा गूंज रहे हैं, उनमें स्वपन दासगुप्ता, दिलीप घोष, अग्निमित्रा पाल, अर्जुन सिंह और शंकर घोष प्रमुख हैं। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष के पद के लिए तापस राय का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है। इन नियुक्तियों के माध्यम से भाजपा का उद्देश्य अनुभवी और युवा चेहरों के बीच एक संतुलित सरकार देने का है।
हिंसा पीड़ित परिवारों का सम्मान
इस समारोह का सबसे भावुक पहलू उन परिवारों की मौजूदगी है, जिन्होंने राजनीतिक हिंसा में अपने प्रियजनों को खोया है। भाजपा ने ऐसे 200 से अधिक परिवारों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। उनके लिए मंच के पास विशेष व्यवस्था की गई है, जो पार्टी के उस वादे की याद दिलाता है जिसमें उन्होंने बंगाल में ‘हिंसा मुक्त राजनीति’ का संकल्प लिया था।
ब्रिगेड मैदान की तैयारियां
लाखों की संख्या में पहुंचने वाले समर्थकों के लिए ब्रिगेड परेड मैदान में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मैदान के चारों ओर 100 से अधिक बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं ताकि दूरदराज से आए लोग भी शपथ ग्रहण की हर हलचल को स्पष्ट देख सकें। यह तकनीक और जन भागीदारी का एक ऐसा प्रदर्शन है जो राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने की खुशी को और अधिक यादगार बना रहा है।








