तेहरान/वाशिंगटन,अंग भारत। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब खाड़ी क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो टैंकरों को निशाना बनाया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।यूएई के रक्षा मंत्रालय ने ईरानी मिसाइल हमले में भारतीय क्रू मेंबर की मौत की पुष्टि की है। मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में आठ अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर किए हमले
अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान के कई इलाकों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरान के बंदरगाह शहरों और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर सैन्य कार्रवाई की गई।ईरानी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास शहर, किश, केशम और अबू मूसा द्वीपों पर धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरानी सेना ने दावा किया कि अमेरिका ने इन इलाकों में ड्रोन हमले किए।
ईरान ने टैंकरों पर किया मिसाइल हमला
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई। यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरानी मिसाइलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास उसके दो टैंकरों को निशाना बनाया।हमले के बाद एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। यूएई ने कहा है कि उसे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी जवाबी कदम उठाने का अधिकार है।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का परिवहन होता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।
तेल की कीमतों में आया बड़ा उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। रिपोर्टों के अनुसार, कच्चे तेल के दाम में नौ प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी फिर शुरू करने का किया ऐलान
अमेरिकी सेंटकॉम ने कहा है कि मंगलवार शाम से ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले और वहां से आने वाले जहाजों पर नौसैनिक निगरानी और नाकाबंदी फिर से शुरू की जाएगी।इस बीच अमेरिकी सेना की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा में खाड़ी क्षेत्र के आसपास कई अमेरिकी सैन्य विमानों की मौजूदगी देखी गई। इनमें ईंधन भरने वाले विमान, निगरानी विमान और समुद्री गश्ती विमान शामिल हैं।
ट्रंप ने कहा- ईरान पर आगे भी होंगे हमले
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। एक रेडियो इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर और हमले करेगा।ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने समझौतों का पालन नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का नियंत्रण होगा।उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों से भी इस अभियान का खर्च उठाने की बात कही। इनमें इजराइल, सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे देशों का नाम शामिल किया गया।
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच भी बढ़ा तनाव
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच क्षेत्र में दूसरे मोर्चों पर भी तनाव बढ़ गया है। सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच फिर से हमले शुरू होने की खबरें सामने आई हैं।सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने हूती विद्रोहियों की बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया, जबकि हूतियों ने आरोप लगाया कि सऊदी हवाई हमलों में सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया।
मध्य पूर्व में बढ़ा युद्ध का खतरा
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य टकराव ने पूरे मध्य पूर्व में चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्र में तनाव बढ़ने से न सिर्फ आसपास के देशों बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता है या यह संघर्ष और ज्यादा बढ़ता है।










