Uncategorized

13 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय दौरे पर आएंगे असम

गुवाहाटी,अंग भारत। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने बताया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 और 14 मार्च को दो दिवसीय असम का दौरा करेंगे। इस दौरान वे कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और चाय बागान समुदाय के सदस्यों को ज़मीन के मालिकाना हक का दस्तावेज सौंपेंगे।13 मार्च को प्रधानमंत्री गुवाहाटी में एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की एक किस्त जारी करेंगे। इस दौरे की सबसे खास बात चाय बागान समुदाय को ज़मीन के पट्टे बांटना होगी। यह समुदाय लगभग 200 सालों से असम में रह रहा है, लेकिन अब तक ज़्यादातर लोगों के पास ज़मीन का कोई औपचारिक मालिकाना हक नहीं था।मुख्यमंत्री मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान देश को लगभग 10 हजार करोड़ की परियोजनाओं को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे की शुरुआत कोकराझार से करेंगे, जहां वे कई विकासात्मक परियोजनों का उद्घाटन करेंगे और उनकी आधारशिला रखेंगे।प्रधानमंत्री मोदी 14 मार्च को सिलचर का दौरा करेंगे। वहां वे सिलचर-शिलांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस हाईवे की आधारशिला रखेंगे। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 22 हजार करोड़ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे कोपिली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट भी देश को समर्पित करेंगे। यह राज्य सरकार का 150 मेगावाट का प्रोजेक्ट है। उन्होंने आगे बताया कि दो दिनों के इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री कोकराझार, गुवाहाटी और सिलचर में जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे।इस बीच, अमित शाह 15 मार्च को असम का दौरा करेंगे। वे गुवाहाटी में प्रागज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करेंगे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्बारा आयोजित ‘युवा संकल्प समावेश’ में शामिल होंगे। प्रदेश भाजपा के अनुसार, खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज खेल मैदान में होने वाले इस कार्यक्रम में पार्टी के लगभग एक लाख युवा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। ये दौरे ऐसे समय में हो रहे हैं जब असम में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार 2026 के राज्य विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है, जिसमें पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य बना रही हैम्डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि प्रधानमंत्री चाय बागान मज़दूर को जमीन का पहला मालिकाना हक दस्तावेज सौंपेंगे। इसके साथ ही, चाय बागान परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देने के लिए पूरे राज्य में एक कार्यक्रम की शुरुआत हो जाएगी।