तेहरान,अंग भारत। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के दौरान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन हो गया, जिसके बाद उनके दूसरे पुत्र मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। इस दौरान हुए भीषण हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई के परिवार के कई सदस्य और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मारे गए हैं। इन हमलों के पहले ही दिन मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन वर्तमान जानकारी के अनुसार वह अब सुरक्षित हैं और उनका स्वास्थ्य स्थिर बताया जा रहा है।
मोजतबा खामेनेई का नया पद
ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल ने 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को रमजान के दौरान युद्ध के एक जाबांज नेता के रूप में पेश किया है। हालांकि, सरकारी मीडिया द्वारा उनकी चोटों या वर्तमान शारीरिक स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस संवेदनशील समय में उनकी सुरक्षा को लेकर चुप्पी साधे रखना ईरान की सुरक्षा नीति का हिस्सा हो सकता है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य कार्रवाई के पहले ही दिन मोजतबा खामेनेई को चोटें आई थीं, जिसे उस समय अंतरराष्ट्रीय मीडिया में पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिल पाई थी।
अभी तक मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्र के नाम कोई सीधा संबोधन नहीं दिया है और न ही उनके सटीक ठिकाने के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है। देश के भीतर इस बात को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है कि इस नाजुक दौर में सत्ता का कामकाज कैसे चल रहा है।
यूसुफ पेजेशकियन का बयान
लंदन से प्रकाशित होने वाले द गार्जियन अखबार ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बेटे और सरकारी सलाहकार यूसुफ पेजेशकियन ने बुधवार सुबह स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया। अपने व्यक्तिगत टेलीग्राम चैनल पर एक पोस्ट के जरिए यूसुफ पेजेशकियन ने कहा: “मैंने मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबर सुनी थी, जिसके बाद मैंने अपने उन दोस्तों से संपर्क किया जो उनके करीबी हैं। उन्होंने मुझे पुष्टि की है कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।”
इस संकटपूर्ण समय में ईरान की स्थिति को समझने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर गौर करना आवश्यक है:
- नेतृत्व परिवर्तन: अयातुल्ला अली खामेनेई के दिवंगत होने के बाद मोजतबा खामेनेई का चयन बिना किसी देरी के किया गया है।
- सुरक्षा स्थिति: सैन्य हमलों में परिवार और सैन्य अधिकारियों की मृत्यु ने देश के भीतर एक सुरक्षा शून्य पैदा कर दिया था।
- सूचना का अभाव: मोजतबा खामेनेई द्वारा अब तक सार्वजनिक संबोधन न करना जनता के बीच अटकलों का कारण बना हुआ है।
- यूसुफ पेजेशकियन का बयान: यह बयान वर्तमान सत्ता प्रतिष्ठान के बीच बनी सहमति और एकता को दर्शाता है।
ईरान के वर्तमान हालात और मोजतबा खामेनेई की स्थिति पर वैश्विक शक्तियों की नजरें टिकी हुई हैं। युद्ध के शुरुआती हमलों का प्रभाव इतना गहरा था कि देश के शीर्ष नेतृत्व को अपनी रणनीति और सार्वजनिक उपस्थिति में बड़ा बदलाव करना पड़ा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो पाएगा कि नए सर्वोच्च नेता किस तरह से इन चुनौतियों का सामना करते हैं और देश की आंतरिक एवं बाहरी नीतियों को क्या दिशा देते हैं। फिलहाल, यूसुफ पेजेशकियन द्वारा दी गई जानकारी को ही आधिकारिक पुष्टि के सबसे करीब माना जा रहा है।
| प्रमुख व्यक्ति | भूमिका/स्थिति |
|---|---|
| मोजतबा खामेनेई | नवनियुक्त सर्वोच्च नेता (सुरक्षित) |
| यूसुफ पेजेशकियन | राष्ट्रपति के पुत्र और सरकारी सलाहकार |
| अयातुल्ला अली खामेनेई | दिवंगत सर्वोच्च नेता |
यह घटनाक्रम ईरान की राजनीति में एक ऐसे मोड़ पर आया है जहाँ एक तरफ युद्ध का तनाव है और दूसरी तरफ नेतृत्व के प्रति निष्ठा और निरंतरता का सवाल खड़ा है। यूसुफ पेजेशकियन के दावे के बाद यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में देश के भीतर स्थिरता वापस आएगी। देश की जनता अब मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने आने और भविष्य की कार्ययोजना पेश करने का इंतजार कर रही है।








