रांची,अंग भारत। झारखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है, जिससे भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। राज्य के अधिकांश जिलों में हुई बारिश के कारण पारे में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, आने वाली 17 मार्च तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गर्जन, तेज हवा और वज्रपात के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। इस मौसमी बदलाव को देखते हुए विभाग ने पहले ही येलो अलर्ट जारी कर दिया है ताकि लोग सतर्क रहें।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां अलग-अलग क्षेत्रों में बनी रहेंगी। विभाग ने साफ किया है कि 12 मार्च को राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में हल्की वर्षा के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इसके बाद 13 और 14 मार्च को मौसम के शुष्क रहने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में थोड़ी वृद्धि हो सकती है। हालांकि, 15 मार्च से एक बार फिर स्थिति बदलेगी। इस दिन राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों में गर्जन के साथ वर्षा हो सकती है।
सावधानी ही बचाव है: वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और खुले मैदानों या ऊंचे पेड़ों के नीचे जाने से बचें।
तापमान और प्रभाव
बुधवार के आंकड़ों पर नजर डालें तो रांची सहित कई प्रमुख शहरों में मौसम का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री और न्यूनतम 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाओं के चलने से दोपहर बाद वातावरण में नमी बनी रही। नीचे दी गई तालिका में राज्य के प्रमुख शहरों का तापमान देख सकते हैं:
| शहर | अधिकतम तापमान (डिग्री) | न्यूनतम तापमान (डिग्री) |
|---|---|---|
| रांची | 30.1 | 19.5 |
| जमशेदपुर | 32.0 | 23.4 |
| डाल्टनगंज | 34.4 | 22.0 |
| बोकारो | 32.1 | 21.5 |
| गुमला | N/A | 17.6 |
आगामी संभावित स्थितियां
मौसम में बदलाव का सिलसिला 17 मार्च तक चलने वाला है। 16 मार्च को स्थिति कुछ और अधिक सक्रिय हो सकती है, जहां हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँचने का अनुमान है। इस तेज हवा के साथ गर्जन की स्थिति बनी रहेगी। उसके अगले दिन, यानी 17 मार्च को उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर राज्य के बाकी हिस्सों में फिर से हल्की वर्षा और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।
किसान भाईयों को विशेष रूप से सलाह दी जाती है कि वे अपने खेतों में काम करते समय मौसम के चेतावनी संदेशों पर ध्यान दें। विभाग की ओर से जारी येलो अलर्ट का सीधा मतलब है कि स्थानीय स्तर पर मौसम विभाग की जानकारी पर नजर रखना जरूरी है। अचानक मौसम बिगड़ने पर घर से बाहर निकलने से बचें। राज्य में सबसे कम तापमान गुमला में 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सुबह और रात में ठंडक का अहसास दिलाता है। वहीं डाल्टनगंज अभी भी सबसे गर्म शहरों में से एक बना हुआ है, जहाँ अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राज्य के वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे तापमान सामान्य के करीब बने रहने की उम्मीद है।








