काठमांडू,अंग भारत। नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाली सेना की ओर से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों को इलाज उपलब्ध कराने और राहत सामग्री पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। सेना के मुताबिक, अब तक 2,465 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
163 विदेशी नागरिकों को एयरलिफ्ट किया गया
नेपाली सेना के अनुसार, शनिवार सुबह 9 बजे तक टिमुरे, स्याफ्रुवेशी, धुन्चे और मैलुंग समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों से 163 विदेशी नागरिकों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाला गया।रेस्क्यू किए गए विदेशी नागरिकों में 113 भारतीय शामिल हैं। इसके अलावा चार जर्मन, 26 चीनी, दो अमेरिकी, दो इटालियन, 15 दक्षिण कोरियाई और एक ओमानी नागरिक को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया है।बाढ़ के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित होने से हवाई रेस्क्यू अभियान काफी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। सेना के हेलीकॉप्टर लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक ला रहे हैं।
अब तक 2,465 लोगों को बचाया गया
नेपाली सेना ने बताया कि अब तक 2,265 लोगों को हवाई माध्यम से सुरक्षित निकाला गया है। इनमें त्रिशूली-3ए टनल से बचाए गए 191 लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा 200 लोगों को सड़क और अन्य स्थल मार्गों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।इस तरह सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से अब तक कुल 2,465 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। प्रभावित इलाकों में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए अभियान जारी रखा गया है।
1,700 से ज्यादा लोगों को मिला इलाज
बाढ़ के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। नेपाली सेना ने त्रिशूली और धुन्चे में आपातकालीन उपचार केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों पर अब तक 1,706 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा चुकी हैं।सेना और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें प्रभावित इलाकों में घायलों और बीमार लोगों की पहचान कर उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। लापता लोगों की तलाश भी साथ-साथ की जा रही है।
6,700 से ज्यादा जवान राहत कार्य में जुटे
बाढ़ प्रभावित जिलों में नेपाली सेना के 6,700 से अधिक जवानों को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है। सेना के अलावा सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवान भी अभियान में शामिल हैं।सुरक्षा एजेंसियां मिलकर फंसे लोगों को निकालने, घायलों तक पहुंचने, लापता लोगों की तलाश करने और राहत सामग्री बांटने का काम कर रही हैं। मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
सड़क से त्रिशूली, फिर हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। काठमांडू से राहत सामग्री सड़क मार्ग से त्रिशूली तक पहुंचाई जा रही है। इसके बाद हेलीकॉप्टर और दूसरे हवाई साधनों की मदद से इसे उन इलाकों में भेजा जा रहा है, जहां सड़क से पहुंचना मुश्किल है।अब तक त्रिशूली-3ए टनल क्षेत्र में 3,600 किलो, मैलुंग में 500 किलो और बेत्रावती में 220 किलो राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।
त्रिशूली-3ए टनल में भी विशेष अभियान
त्रिशूली-3ए टनल क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नेपाली सेना के 84 जवानों के साथ सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के कुल 146 सदस्य यहां अभियान में लगे हुए हैं।टनेल क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच चल रहा है। सुरक्षा बलों की टीमें लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
राहत अभियान अभी जारी
नेपाली सेना के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित इलाकों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। इसके बावजूद लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का काम लगातार जारी है।सेना की प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित लोगों की जान बचाना, घायलों को इलाज उपलब्ध कराना और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना है। विदेशी नागरिकों के बड़े पैमाने पर सफल रेस्क्यू के बाद भी अभियान जारी रखा गया है, ताकि प्रभावित इलाकों में कोई भी व्यक्ति मदद से वंचित न रहे।







