अमरपुर/बांका/अंग भारत। बांका के पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने शनिवार को अपने द्वारा पूर्व में गोद लिए गए अमरपुर थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर की व्यवस्था, पुलिस पदाधिकारियों के कामकाज और लंबित कांडों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। एसपी ने पुलिस अधिकारियों को लंबित मामलों का जल्द निष्पादन करने और जांच में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के निर्देश दिए।
तीन गुना से अधिक लंबित मामलों ने बढ़ाई चिंता
निरीक्षण के बाद थाना परिसर में एसपी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें अमरपुर एसडीपीओ अमर विश्वास, सर्किल इंस्पेक्टर रामाशंकर सिंह, अमरपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार, बांका सदर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार, पर्यवेक्षी पदाधिकारी बबलु कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।बैठक में अमरपुर और बांका सदर थाना में लंबित कांडों की एक-एक कर समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मामलों की मौजूदा स्थिति, जांच की प्रगति और उनके निष्पादन में आ रही परेशानियों की जानकारी एसपी को दी। इसके बाद लंबित मामलों को जल्द निपटाने के लिए लक्ष्य तय किए गए और उन्हें निर्धारित समय में पूरा करने की रणनीति बनाई गई।एसपी अमितेश कुमार ने बताया कि अमरपुर और बांका सदर थाना में लंबित कांडों की संख्या सामान्य मासिक औसत की तुलना में तीन गुना से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मामले लंबित रहना चिंता की बात है और इनके निष्पादन में तेजी लाना जरूरी है।
हर महीने होती है लंबित मामलों की समीक्षा
एसपी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के सीआईडी विभाग की ओर से ऑनलाइन माध्यम से हर महीने लंबित कांडों की समीक्षा की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत शनिवार को दोनों थानों के लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में जांच पूरी होने की स्थिति है, उनका निष्पादन जल्द किया जाए। वहीं, जिन मामलों में किसी कारण से देरी हो रही है, उनकी अलग से सूची तैयार कर समस्या का समाधान कराने को कहा गया।
तकनीकी अड़चनों से भी अटकता है अनुसंधान
एसपी ने कहा कि कई बार पुलिस पदाधिकारियों को जांच के दौरान तकनीकी और प्रक्रियागत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके कारण मामलों के निष्पादन में देरी होती है।कुछ मामलों में जख्म जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पाती है। कई मामलों में दस्तावेजों और साक्ष्यों का सत्यापन लंबित रहता है। इसके अलावा दूसरे जिले या दूसरे राज्य से सत्यापन रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेज आने में लगने वाला समय भी जांच को लंबा कर देता है।उन्होंने अधिकारियों को ऐसी समस्याओं की पहचान कर संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।
समन्वय पोर्टल से तेजी लाने की तैयारी
एसपी ने बताया कि इस तरह की दिक्कतों को कम करने के लिए पुलिस विभाग की ओर से समन्वय पोर्टल शुरू किया गया है। इसके जरिए दूसरे जिलों और राज्यों से संबंधित सत्यापन, रिपोर्ट और अन्य जरूरी जानकारी हासिल करने की प्रक्रिया को आसान और तेज किया जा सकेगा।इससे जांच के दौरान अनावश्यक देरी कम होगी और लंबित कांडों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद है। एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को इस सुविधा का बेहतर इस्तेमाल करने को कहा।
समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने का निर्देश
एसपी अमितेश कुमार ने साफ कहा कि लंबित कांडों के निष्पादन को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। जिन मामलों में तकनीकी या विभागीय कारणों से देरी हो रही है, उनकी सूची तैयार कर संबंधित स्तर पर बातचीत कर समस्या का जल्द समाधान कराया जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य हर हाल में तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। एसपी ने कहा कि मामलों का समय पर निष्पादन पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के साथ आम लोगों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत करता है।
अमरपुर थाना को पहले ही गोद ले चुके हैं एसपी
पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने अमरपुर थाना को पूर्व में गोद लिया है। इसके बाद से वह यहां की पुलिस व्यवस्था, लंबित कांडों के निष्पादन और पुलिसिंग को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। शनिवार का निरीक्षण भी इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।निरीक्षण और समीक्षा बैठक के बाद थाना में तैनात पुलिस पदाधिकारियों में लंबित मामलों के जल्द निष्पादन को लेकर सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।निरीक्षण के दौरान अवर निरीक्षक मुकेश कुमार, पंकज मांझी, पंकज कुमार सिंह, संजय कुमार गुप्ता, सहायक अवर निरीक्षक पुरुषोत्तम झा, नितीश कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।







