कोलकाता,अंग भारत। पश्चिम बंगाल में मानसून के बीच डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या अब साढ़े चार हजार के पार पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में संक्रमण के मामलों में लगातार तेजी आई है। मुर्शिदाबाद जिले में सबसे अधिक मरीज सामने आए हैं, जबकि कोलकाता राज्य में डेंगू संक्रमण के मामले में दूसरे स्थान पर है। लगातार बढ़ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
कुछ महीनों में तेजी से बढ़े मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 30 अप्रैल तक पूरे राज्य में डेंगू के 770 मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद मानसून के साथ संक्रमण की रफ्तार बढ़ती गई। 31 जुलाई तक मरीजों की संख्या बढ़कर 1,946 हो गई। अगस्त में भी डेंगू का असर कम नहीं हुआ और 31 अगस्त तक संक्रमितों की संख्या 3,966 पहुंच गई।इसके बाद सितंबर के शुरुआती दिनों में भी नए मरीज मिलने का सिलसिला जारी रहा। स्वास्थ्य विभाग लगातार जिलों से संक्रमण के आंकड़े जुटा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि मानसून के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने के कारण मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
मुर्शिदाबाद में सबसे ज्यादा मरीज
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो मुर्शिदाबाद में डेंगू का सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। दो सितंबर तक जिले में 870 मरीज सामने आ चुके थे। खास बात यह है कि पिछले सात दिनों में ही यहां 96 नए मरीज मिले हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है।नदिया जिले के नोवादा प्रखंड में भी डेंगू की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर पहुंचकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही दवा का छिड़काव और लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद संक्रमण के मामलों में अभी कमी नहीं आई है।
कोलकाता में भी बढ़ रहा संक्रमण
राज्य की राजधानी कोलकाता में भी डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। दो सितंबर तक शहर में 402 लोग डेंगू से संक्रमित पाए गए थे। पिछले सात दिनों में ही 62 नए मरीज सामने आए हैं। कोलकाता में लगातार नए मामले मिलने के कारण नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है।अन्य जिलों की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। उत्तर 24 परगना में 346, मालदा में 331, दक्षिण 24 परगना में 324 और नदिया में 316 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा हुगली में 293 और हावड़ा में 276 मरीज मिले हैं। पूर्व बर्धमान में 233 और पश्चिम बर्धमान में 140 संक्रमित सामने आए हैं।
सात सितंबर से तेज होगा अभियान
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम अभियान को और तेज करने की तैयारी की है। स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने कहा है कि सात सितंबर से विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के दौरान मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें नष्ट करने, नियमित रूप से छिड़काव कराने और लोगों को जागरूक करने पर जोर रहेगा।अभियान के दौरान होने वाली गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी। इसका उद्देश्य यह देखना है कि जमीनी स्तर पर अभियान किस तरह चल रहा है और संबंधित इलाकों में रोकथाम के उपायों का कितना असर हो रहा है।
स्कूलों में भी सावधानी बरतने की अपील
डेंगू से बचाव के लिए स्कूलों को भी जरूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने स्कूलों से बच्चों को पूरी बांह की शर्ट पहनकर आने के लिए कहने की बात कही है। माना जा रहा है कि बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए यह कदम उपयोगी हो सकता है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपने आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की जा रही है। घरों की छत, गमले, पुराने टायर, खाली डिब्बे और ऐसी अन्य जगहों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करने पर जोर दिया जा रहा है।
मानसून में बढ़ी चुनौती
मानसून के दौरान डेंगू के बढ़ते मामलों ने पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम के साथ-साथ लोगों की भागीदारी को भी जरूरी बताया है।प्रशासन की ओर से नियमित छिड़काव, मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने और जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में डेंगू के मामलों पर लगातार नजर रखी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जाए और प्रभावित इलाकों में समय रहते जरूरी कदम उठाए जाएं।







