पटना, अंग भारत। बिहार में चक्रवाती तूफान अर्नब का प्रभाव दिखने लगा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के बाद बिहार समेत पूर्वी भारत के कई राज्यों के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। मौसम में बदलाव के बीच भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने गुरुवार को राज्य के 26 जिलों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। इनमें छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 20 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी -: मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और बक्सर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नारंगी चेतावनी (ऑरेंज अलर्ट) जारी की गई है। इन जिलों में कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार इन क्षेत्रों में 70 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो सकती है।विभाग ने कहा है कि चक्रवाती तूफान अर्नब का असर सबसे ज्यादा दक्षिण-पश्चिम बिहार के इन जिलों में देखने को मिलेगा। नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि और निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। किसानों को भी खेतों में लगे धान और सब्जी की फसलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
सारण समेत 20 जिलों में बारिश के आसार -: बारिश को लेकर जिन 20 जिलों में पीली चेतावनी (येलो अलर्ट) जारी की गई है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, पटना, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, नवादा और गया शामिल हैं।इन जिलों में भी बारिश के साथ मौसम में अचानक बदलाव के आसार हैं। कई स्थानों पर दिनभर बादल छाए रहने और तेज हवा के साथ मध्यम से हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। पटना, गया और मुजफ्फरपुर जैसे बड़े शहरों में भी गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में राजधानी पटना के अधिकतम तापमान में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
प्रशासन अलर्ट पर -: मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। सभी जिलों में आपदा नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों, पुराने मकानों और बिजली के खंभों से दूर रहें।बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम न करने, तालाब और नदी किनारे न जाने की भी सलाह दी गई है। मछुआरों को भी अगले दो दिनों तक नदी में न जाने की सलाह दी गई है।
क्या है चक्रवाती तूफान अर्नब -: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह तूफान बंगाल की खाड़ी में बना है जो धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसका असर ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल के साथ बिहार पर भी पड़ रहा है। अगले 48 घंटों तक इसका प्रभाव बिहार में बने रहने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे इसका असर कम होगा।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह -: चक्रवाती तूफान के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी है। विशेष रूप से भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। मौसम में बदलाव के कारण अगले कुछ घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में जिला प्रशासन और स्थानीय स्तर पर जारी होने वाली मौसम संबंधी सूचनाओं का पालन करना जरूरी होगा।







