मुंबई,अंग भारत। अभिनेता मनोज बाजपेयी ने बॉलीवुड की कार्यशैली और इंडस्ट्री में अपनी पहचान को लेकर बेबाक राय रखी है। लंबे समय से फिल्म जगत में सक्रिय रहने के बावजूद मनोज आज भी खुद को बॉलीवुड का हिस्सा महसूस नहीं करते।उन्होंने कहा, “मैं फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हूं, फिर भी मुझे नहीं लगता कि मैं यहीं का हूं।
“इंडस्ट्री को परिवार कहना वास्तविकता से दूर -: मनोज के मुताबिक फिल्म इंडस्ट्री को एक परिवार की तरह पेश करना वास्तविकता से दूर है। यहां प्रतिभा और मेहनत के साथ-साथ जान-पहचान भी मायने रखती है, जबकि कलाकारों के बीच एक-दूसरे की सफलता का जश्न मनाने की भावना कम ही दिखाई देती है।
काम के प्रति ईमानदारी सबसे अहम -: मनोज का मानना है कि किसी कलाकार की असली पहचान उसके काम और हुनर से बनती है। उनके लिए व्यक्तिगत संबंधों और लोगों की प्रशंसा से ज्यादा महत्वपूर्ण अपने काम के प्रति ईमानदार रहना है। कलाकार को अपनी कला पर ध्यान देना चाहिए और लगातार बेहतर काम करने की कोशिश करनी चाहिए। उनके अनुसार किसी भी क्षेत्र में लंबे समय तक टिके रहने के लिए हुनर के प्रति लगन और काम की गुणवत्ता सबसे अहम होती है।
‘गजब रात’ में आ रहे हैं नजर -: इन दिनों मनोज बाजपेयी नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘गजब रात’ में नजर आ रहे हैं। अपने करियर में उन्होंने सत्या, शूल, गैंग्स ऑफ वासेपुर से लेकर द फैमिली मैन तक अलग-अलग तरह के किरदारों के जरिए अभिनय की अपनी अलग पहचान बनाई है। बॉलीवुड में गुटबाजी और आपसी संबंधों को लेकर उनकी बेबाक टिप्पणियां एक बार फिर चर्चा में हैं। मनोज की बातों से साफ है कि वह फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह को रिश्तों या वाहवाही के बजाय अपने काम के दम पर कायम रखना चाहते हैं।







