रांची,अंग भारत| झारखंड की राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में रविवार दोपहर बाद मौसम ने करवट ली, जिससे झुलसाती गर्मी से जूझ रहे लोगों को अस्थायी राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी रहेगा। यह स्थिति 19 मार्च तक बनी रहने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम का हाल
रविवार को अचानक बदले मौसम ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई। रांची में तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी ने पारे को दो से तीन डिग्री नीचे धकेल दिया। हालांकि, यह राहत अस्थाई है। उत्तर-पूर्वी जिलों और मध्यवर्ती इलाकों में 16 मार्च के लिए मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन क्षेत्रों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और ओलावृष्टि की प्रबल आशंका है। पश्चिमी जिलों में भी हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है, जिसके साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
19 मार्च तक अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 17 और 18 मार्च को राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर बाकी सभी जिलों में मौसम का मिजाज खराब रहेगा। 17 से 19 मार्च तक राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
- गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश।
- तेज हवाएं चलने की संभावना।
- वज्रपात (आकाशीय बिजली) का खतरा।
तापमान का ब्योरा
झारखंड के प्रमुख शहरों का तापमान पिछले 24 घंटों में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। डेटा के अनुसार, डाल्टनगंज सबसे गर्म रहा, जबकि गुमला में सबसे ठंडी रातें दर्ज की गईं।
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| रांची | 35.4 | 18.4 |
| जमशेदपुर | 38.5 | 23.8 |
| डाल्टनगंज | 39.4 | 18.1 |
| बोकारो | 37.5 | 18.2 |
| चाईबासा | 38.8 | 21.8 |
सावधानी और सुरक्षा
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम के दौरान जान-माल का जोखिम बढ़ जाता है। विशेष रूप से वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीण और शहरी इलाकों में सतर्कता बरतनी जरूरी है। विभाग ने कुछ अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- आंधी और गर्जन के समय खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे बिल्कुल न रुकें।
- बिजली के खंभों और धातु के तारों से दूर रहें।
- खराब मौसम के दौरान पक्के घरों के अंदर सुरक्षित रहें।
- किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित करने के उपाय करें।
अंतिम निष्कर्ष
झारखंड में यह बदलाव एक सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण आया है। हालांकि बारिश गर्मी से राहत जरूर दे रही है, लेकिन 50 से 70 किमी की रफ्तार वाली हवाएं और ओलावृष्टि फसलों के लिए चिंता का विषय हो सकती हैं। नागरिकों को स्थानीय मौसम अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए ताकि किसी भी अचानक आने वाले तूफान से खुद को बचाया जा सके। सुरक्षित रहें और विभाग द्वारा दी गई चेतावनियों को गंभीरता से लें।








