गुवाहाटी,अंग भारत। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने असम दौरे के दौरान गुवाहाटी के बिरुवारी में प्राज्योतिष मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहुल गांधी को संसदीय गरिमा की समझ नहीं है और वे संसद को केवल चाय-पकोड़े खाने की जगह समझते हैं। गृहमंत्री ने अपने संबोधन में असम के स्वास्थ्य ढांचे में आए क्रांतिकारी बदलावों को गिनाते हुए कांग्रेस के पूर्ववर्ती शासन पर निशाना साधा और राज्य की भाजपा सरकार के कामकाज की सराहना की।
असम के गौरव का स्मरण
अपने भाषण की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने असम की मिट्टी और वहां के इतिहास को नमन किया। उन्होंने आदिशक्ति कामाख्या को याद किया और असम के महान नायकों लचित बरफुकन, वीर चिलाराय और महाराज पृथु के शौर्य को श्रद्धांजलि दी। गृहमंत्री ने कहा कि इन महापुरुषों का त्याग ही आज के विकसित असम की नींव है।
संसद और राहुल गांधी
विपक्ष पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी संसद में गंभीर चर्चा करने के बजाय भागते रहते हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि राहुल गांधी संसद की गरिमा को नहीं समझते हैं। अमित शाह के अनुसार, संसद देश के भविष्य के निर्धारण की जगह है, ना कि नाश्ता करने का स्थान। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मोदी सरकार का विरोध करते-करते कांग्रेस नेता अब भारत के वैश्विक सम्मान और उपलब्धियों का भी विरोध करने लगे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
स्वास्थ्य सेवाओं का कायाकल्प
गृहमंत्री ने असम की स्वास्थ्य स्थिति पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में राज्य में बड़ा बदलाव आया है। उनकी मुख्य बातें इस प्रकार थीं:
- असम में कई नए और आधुनिक मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं।
- राज्य में कैंसर संस्थानों के निर्माण से मरीजों को अब बड़ी राहत मिल रही है।
- सरकारी अस्पताल में ‘प्रोटॉन थेरेपी’ की सुविधा देने वाला असम देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।
- अमित शाह ने रतन टाटा के योगदान को याद करते हुए उनके द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयासों की सराहना की।
कांग्रेस पर कड़े प्रहार
अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह असम से ही चुनकर संसद में पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कांग्रेस पर निम्नलिखित आरोप लगाए:
“कांग्रेस ने अपने परिवार और अपनी कुर्सी बचाने की चिंता की। उन्हें कभी असम के आम नागरिकों की सेहत की परवाह नहीं रही। उनके कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका था।”
विकास बनाम राजनीति
अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में असम सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का एजेंडा स्पष्ट है—’सेवा, सुशासन और विकास’। उन्होंने तर्क दिया कि जी-20 शिखर सम्मेलन जैसे वैश्विक आयोजनों की पूरी दुनिया ने प्रशंसा की, लेकिन कांग्रेस ने राजनीतिक द्वेष के कारण उसका भी विरोध किया। गृहमंत्री ने लोगों को सचेत किया कि भाजपा का विरोध करना अलग बात है, लेकिन मोदी विरोध के चक्कर में भारत की प्रगति में रोड़े अटकाना देश के साथ अन्याय है।
भविष्य की राह
कार्यक्रम के अंत में गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि असम अब स्वास्थ्य पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में कभी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था, आज वहां प्रोटॉन थेरेपी जैसी तकनीक का आना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह प्रगति दर्शाती है कि सही नेतृत्व और स्पष्ट मंशा के साथ सरकारी तंत्र किस प्रकार आम जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।








