पानीपत, अंग भारत। पानीपत के समालखा में एक सेवानिवृत्त पुलिस सब इंस्पेक्टर (एसआई) सुखबीर सिंह को हनीट्रैप में फंसाकर उनसे 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाली एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला के पास से एक लाख रुपये की नकदी भी बरामद की है। सुखबीर सिंह ने अपने पुराने परिचित रणबीर पर आरोप लगाया है कि उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत उन्हें इस जाल में फंसाया। पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बाद मुख्य आरोपी महिला को समालखा न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
हनीट्रैप की साजिश
रिटायर्ड एसआई सुखबीर सिंह के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम फरवरी 2026 में शुरू हुआ। सुखबीर सिंह के पुराने मित्र रणबीर ने उन्हें ‘मनीषा’ नाम की एक महिला से मिलवाया। रणबीर ने मनीषा को घरेलू हिंसा की शिकार एक पीड़ित महिला के रूप में पेश किया ताकि सुखबीर सिंह का भरोसा जीता जा सके। इस मुलाकात के पीछे का असली मकसद कुछ और ही था।
घटना का दिन
- 10 मार्च को मनीषा ने सुखबीर सिंह को मदद के बहाने अपने समालखा स्थित घर पर बुलाया।
- महिला ने उन्हें पीने के लिए पानी दिया, जिसे पीते ही सुखबीर सिंह को चक्कर आने लगे और उनका सिर भारी हो गया।
- बेहोशी की हालत का फायदा उठाकर महिला ने उनके साथ संबंध बनाए और छुपकर उसका वीडियो शूट किया।
- वीडियो को तुरंत रणबीर और सतबीर नामक अन्य साथियों को भेज दिया गया।
ब्लैकमेलिंग का खेल
वीडियो बनने के अगले ही दिन से आरोपियों ने रंगदारी का सिलसिला शुरू कर दिया। आरोपी सतबीर ने सुखबीर सिंह की पत्नी को फोन करके इस वीडियो के बारे में बताया और मामले को रफा-दफा करने के लिए 8 से 10 लाख रुपये की मांग की। जब इससे बात नहीं बनी, तो आरोपियों ने सुखबीर सिंह के बेटे आशीष को फोन किया और फिरौती की राशि बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी।
धमकी और दबाव
आरोपियों ने सुखबीर सिंह को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि 15 लाख रुपये नहीं दिए गए, तो वे सुखबीर सिंह के खिलाफ बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज करवा देंगे। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी होने के बावजूद सुखबीर सिंह इस संगठित गिरोह की धमकियों से परेशान हो गए, जिसके बाद उन्होंने पानीपत के पुलिस अधीक्षक को मामले की पूरी जानकारी दी।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद समालखा थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की टीम ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से एक लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं, जो उन्होंने पीड़ित से पहले ही ले लिए थे।
सुरक्षा के उपाय
इस घटना से समाज में एक बड़ा संदेश जाता है कि हनीट्रैप के जाल किसी को भी फंसा सकते हैं। पुलिस के अनुसार, ऐसे गिरोह अक्सर लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर उन्हें ब्लैकमेल करते हैं।
सुखबीर सिंह के साथ हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है। अनजान व्यक्तियों पर आंख मूंदकर भरोसा करना कभी-कभी भारी पड़ सकता है।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों, जैसे कि रणबीर और सतबीर की तलाश में जुटी है। उनके पकड़े जाने के बाद ही इस गिरोह द्वारा पहले की गई वारदातों का भी खुलासा हो सकेगा। महिला से की जा रही पूछताछ के आधार पर पुलिस के पास कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।








