पूर्वी सिहभूम, अंग भारत| गोलमुरी थाना क्षेत्र के नीलडीह ब्रिज के पास रविवार दोपहर एक युवक पर जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया और उससे 25 हजार रुपये लूट लिए गए। इस घटना में नामदा बस्ती निवासी चिराग सिंह बुरी तरह जख्मी हुए हैं। हमलावरों ने न केवल नगदी लूटी, बल्कि उन्हें चापड़ और डंडों से बेरहमी से पीटा, जिसके बाद वे मौके से फरार होने में सफल रहे। फिलहाल, चिराग का इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
घटना का विवरण
घायल चिराग की बुआ सोनिया ने बताया कि चिराग वाहनों की चेचिस चलाने का काम करते हैं। रविवार की दोपहर वह इसी कार्य के सिलसिले में नीलडीह स्थित एक गेस्ट हाउस गए थे। काम पूरा होने के बाद, चिराग चेचिस से जुड़े आवश्यक कागजात और यात्रा खर्च के लिए 25 हजार रुपये नकद लेकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नीलडीह ब्रिज के पास पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित लग रहा था, क्योंकि अपराधी पहले से ही चिराग के आने का इंतजार कर रहे थे।
हमले की भयावहता
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों की संख्या 15 से 20 के बीच थी। इतने बड़े समूह ने चिराग को चारों तरफ से घेर लिया और चापड़, लाठी और डंडों से उन पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। चिराग के परिजनों का आरोप है कि इस वारदात को बस्ती के ही कुछ दबंगों ने अंजाम दिया है। इस हमले के दौरान न केवल जानलेवा चोटें पहुंचाई गईं, बल्कि चिराग के पास मौजूद 25 हजार रुपये की राशि भी छीन ली गई। हमलावर पूरी तरह बेखौफ थे और वारदात को अंजाम देकर आसानी से वहां से भाग निकले।
मुख्य आरोपी
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर हमलावरों में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोगों के नाम सामने आए हैं:
- देवा
- राजू
- गब्बर
- जसप्रीत
परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि उपर्युक्त नामजद व्यक्तियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस हिंसक घटना को अंजाम दिया है।
पुराना विवाद
यह हमला अचानक नहीं हुआ था। परिजनों के अनुसार, शनिवार रात को भी इन्हीं आरोपितों ने चिराग के साथ मारपीट की थी। उस समय यह मामला पुलिस तक नहीं पहुंच पाया था। संभवतः उसी विवाद को लेकर अपराधियों ने योजनाबद्ध तरीके से रविवार को चिराग को अपना निशाना बनाया। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं, विशेषकर जब अपराधी पहले से ही सक्रिय हों और प्रशासन को भनक तक न लगे।
पुलिस कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद गोलमुरी थाना पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपितों की धरपकड़ के लिए छापेमारी तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले की हर पहलू से छानबीन कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी नामजद आरोपी कानून की गिरफ्त में होंगे।
सुरक्षा पर सवाल
दिनदहाड़े ब्रिज जैसे सार्वजनिक स्थल पर 15-20 लोगों का इतनी बेरहमी से हमला करना स्थानीय निवासियों में डर पैदा करता है। इस पूरी घटना का विश्लेषण करें तो यह साफ होता है कि यह केवल लूट की घटना नहीं है, बल्कि पुरानी दुश्मनी निकालने का एक तरीका भी है। एमजीएम अस्पताल में भर्ती चिराग के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है। शहर में बढ़ती इस तरह की दबंगई और हिंसा पर लगाम लगाना स्थानीय पुलिस के लिए अब एक बड़ी चुनौती बन चुका है।








