आलमनगर/मधेपुरा/अंग भारत। आलमनगर प्रखंड में इस वर्ष भी लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वर्षों पहले शुरू की गई जलापूर्ति व नल-जल योजना की सुस्त रफ्तार के कारण स्थिति यह है कि कहीं नल लगा है तो पानी नहीं आ रहा, तो कहीं अब तक पाइप लाइन ही अधूरी पड़ी है। प्रखंड मुख्यालय स्थित हाई स्कूल परिसर में लगभग 15 वर्ष पूर्व निर्मित जलमीनार भी वर्षों से बंद पड़ी है। इसके कारण करीब 50 हजार से अधिक लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई ऐतिहासिक कुएं बंद हो चुके हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आयरन युक्त चापाकल के पानी पर निर्भर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2011-12 में करोड़ों रुपये की लागत से शुद्ध पेयजल योजना की शुरुआत की गई थी। कई जगह पाइप लाइन बिछाई भी गई, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। कई वार्डों में पाइप लाइन लीकेज है, तो कई जगह अब तक आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत और प्रखंड मुख्यालय होने के बावजूद पेयजल समस्या का समाधान नहीं हो सका है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।








