सुपौल,अंग भारत। नगर परिषद कर्मियों द्वारा जारी हड़ताल आखिरकार जिला प्रशासन की पहल पर तत्काल स्थगित किया गया है। हड़ताल को लेकर सुपौल नगर परिषद के चेयरमैन राघवेंद्र झा के नेतृत्व में शहर के गणमान्य लोगों ने डीएम और एसपी से वार्ता की। इस दौरान कर्मियों की मांगों और हालिया विवाद को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।वार्ता के बाद चेयरमैन झा ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें कर्मियों की समस्याओं और आरोपों का उल्लेख किया गया। बैठक के बाद जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि नगर परिषद कर्मचारियों के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई, जो संतोषजनक रही। इसी के आधार पर कर्मियों ने अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।डीएम सावन कुमार ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन कर्मियों के साथ न्याय करेगा और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।धरना समाप्त होने के बाद शहर में सफाई व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। मंगलवार को लोहिया नगर चौक पर वार्ड पार्षद , सफाई कर्मियों, नप कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने धरना दिया। घटना में शामिल थानाध्यक्ष और पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की। सदर पुलिस थाना पुलिस के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गई।सदर थाना पुलिस के कार्रवाई के विरोध में नगर परिषद के सफाईकर्मियों ने हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। लोहिया नगर चौक पर वार्ड पार्षद ने घटना के विरोध में धरना प्रदर्शन कर दोषी थानाध्यक्ष और पुलिस कर्मी पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। सफाईकर्मियों के काम बंद करने से शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई और कई जगह कचरा जमा होने लगा था। मालूम हो कि शहर के वार्ड संख्या 22 का बताया जा रहा है, जहां रविवार को नाला खोदने का कार्य चल रहा था। आरोप है कि इसी दौरान अबू बकर नाम के एक युवक ने वहां काम कर रहे जेसीबी चालक के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर दी। जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया। इस घटना के बाद नगर परिषद के कुछ कर्मचारी शिकायत दर्ज कराने के लिए एसटी-एससी थाना पहुंचे तो नगर थाना जाने को कहा गया।कर्मचारियों का आरोप है कि थाना में पुलिस ने उनकी शिकायत लेने में आनाकानी की। इससे नाराज सफाईकर्मियों ने विरोध जताते हुए थाना गेट के सामने कचरा फेंक दिया।बताया जा रहा है कि इस घटना से नाराज पुलिस ने बाद में नगर परिषद के एक क्लर्क असजद आलम जो बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव है उसके घर पर छापेमारी और मारपीट करते हुए कुल 4- 5 लोगो को हिरासत में ले लिया। हड़ताल के कारण सुपौल शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाद में सभी को थाना से छोड़ दिया गया।पुलिस की कार्रवाई से कर्मियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। डीएम और एसपी पर कार्रवाई को लेकर नजर टिकी हुई है।










