पटना, अंग भारत। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया है। यह उनका चौथा कार्यकाल होगा और वे इस पद पर वर्ष 2028 तक बने रहेंगे। दोपहर 2:30 बजे औपचारिक घोषणा के साथ उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र भी सौंपा जाएगा।
निर्विरोध चयन, चुनाव प्रक्रिया औपचारिक
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बताया कि नीतीश कुमार का नामांकन 19 मार्च को दिल्ली स्थित जदयू के राष्ट्रीय कार्यालय में दाखिल किया गया था। नामांकन पत्र चुनाव अधिकारी को दो सेटों में सौंपा गया। नामांकन वापसी की अंतिम समय सीमा मंगलवार सुबह 11 बजे थी, लेकिन किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया। इस वजह से जदयू में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव पूरी तरह निर्विरोध रहा और नीतीश कुमार का पुनः चयन तय हो गया।निर्वाचन अधिकारी और जदयू नेता अनिल हेगड़े नीतीश कुमार को प्रमाण पत्र सौंपेंगे। केवल एक ही उम्मीदवार होने के कारण चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रह गई और पार्टी अध्यक्ष के रूप में उनके पुनर्निर्वाचन की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
नीतीश कुमार का अब तक का अध्यक्षीय सफर
नीतीश कुमार पहली बार वर्ष 2016 में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे, जब पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने पद छोड़ दिया था। इसके बाद 2019 में वे दोबारा अध्यक्ष बने। 2020 में उन्होंने यह जिम्मेदारी छोड़कर आपसीपी सिंह को सौंप दी थी। उसके बाद राजीव रजन उर्फ ललन सिंह अध्यक्ष बने, जिन्होंने दिसंबर 2023 में इस्तीफा दिया। इसके बाद नीतीश कुमार ने फिर से पार्टी की कमान संभाली।
राजनीतिक स्थिरता और संगठनात्मक बदलाव
नीतीश कुमार का यह पुनः चयन पार्टी में स्थिरता और नेतृत्व की निरंतरता को दर्शाता है। लगातार संगठनात्मक बदलावों के बावजूद पार्टी ने अपने शीर्ष नेतृत्व के रूप में उन्हें चुना है। उनके नेतृत्व में जदयू आगामी वर्षों में राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी रणनीतियों को मजबूती देने की योजना बना रही है।विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार की अनुभवशीलता और राजनीतिक समझ के कारण ही उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। अब वे 2028 तक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर रहकर संगठन की दिशा और रणनीति तय करेंगे।









