पश्चिमी सिंहभूम,अंग भारत। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक खौफनाक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। ट्यूशन पढ़ाकर अपने घर लौट रही 24 वर्षीय शिल्पी मोदक पर एक अज्ञात हमलावर ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। सात से आठ बार किए गए वार से युवती बुरी तरह घायल हो गई है। फिलहाल उसे चाईबासा सदर अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद जमशेदपुर के अस्पताल में रेफर किया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। यह घटना कल्याणपुर स्थित आनंद मार्ग स्कूल के पास की है, जिसने स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर गहरा डर पैदा कर दिया है।
वारदात का विवरण
शिल्पी मोदक, जो कि न्यू कॉलोनी नीमडीह की रहने वाली हैं, हर दिन की तरह बुधवार रात को भी बच्चों को पढ़ाकर लौट रही थीं। हमले की जगह यानी कल्याणपुर की गली में अंधेरा होने का फायदा उठाकर हमलावर ने घात लगा रखा था। शिल्पी के पिता अनिल मोदक, जो पेशे से टोटो चालक हैं, इस खबर से स्तब्ध हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरोपी ने सफेद शर्ट और जींस पहन रखी थी। उसने बिना किसी चेतावनी के अचानक चाकू से कई वार किए, जिससे शिल्पी संभलने का मौका भी नहीं पा सकीं और सड़क पर गिर गईं। हमलावर घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया, जिससे उसे पकड़ने का मौका किसी को नहीं मिला।
अस्पताल और परिवार
घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और घायल शिल्पी को आनन-फानन में चाईबासा सदर अस्पताल ले गए। शिल्पी के चाचा सुनील मोदक ने बताया कि उन्हें कुछ बच्चों से घटना की जानकारी मिली थी। परिवार के लिए यह सदमा बहुत बड़ा है। अस्पताल के डॉक्टरों ने घावों की गंभीरता को देखते हुए उसे जमशेदपुर शिफ्ट करना बेहतर समझा।
- पीड़िता का नाम: शिल्पी मोदक (24 वर्ष)
- स्थान: आनंद मार्ग स्कूल के पास, कल्याणपुर
- चोट का प्रकार: चाकू के 7-8 गहरे वार
- वर्तमान स्थिति: जमशेदपुर के अस्पताल में भर्ती
पुलिसिया कार्रवाई
सूचना मिलने के बाद मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार ने तत्काल घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने वहां से हमलावर द्वारा इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया है, जो केस को सुलझाने में एक अहम सुराग साबित हो सकता है। पुलिस अब निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच कर रही है:
- क्षेत्र के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ का सिलसिला शुरू हो चुका है।
- हमलावर के भागने के संभावित रास्तों की घेराबंदी की गई है।
सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने चाईबासा जैसे शांत कहे जाने वाले इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। कामकाजी युवतियों और छात्रों के लिए रात के समय का सफर अब असुरक्षित महसूस होने लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर गलियों में स्ट्रीट लाइट की बेहतर सुविधा होती और पुलिस की गश्त नियमित होती, तो शायद ऐसी वारदात को टाला जा सकता था।
“शिल्पी जैसी मेहनती लड़की पर इस तरह का हमला पूरी मानवता को शर्मसार करता है। प्रशासन को दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि दोबारा ऐसी हिम्मत कोई न कर सके।” – एक स्थानीय निवासी की प्रतिक्रिया।
पुलिस का दावा है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई है। आरोपी की पहचान करने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का भी सहारा लिया जा रहा है। इलाके में दहशत का आलम है, लेकिन पुलिस ने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही अपराधी को सलाखों के पीछे ले आएंगे।
आगे की राह
समाज के तौर पर हमें ऐसी घटनाओं के बाद सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि सतर्कता भी दिखानी होगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। अंधेरी गलियों में आवाजाही कम करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्थानीय समितियों को पुलिस का सहयोग करना चाहिए। शिल्पी के स्वास्थ्य में सुधार के लिए फिलहाल पूरा परिवार और इलाका प्रार्थना कर रहा है।








