पटना/नई दिल्ली,अंग भारत। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आने की कगार पर है। नीतीश कुमार आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। इस सिलसिले में वह गुरुवार को ही पटना से दिल्ली पहुंच गए थे। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने संकेत दिया था कि वह अगले चार से पांच दिनों में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।नीतीश कुमार के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में हलचल और तेज हो गई है। अब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं खुलकर सामने आ रही हैं और राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं।
शपथ के बाद बदल सकता है सत्ता समीकरण
नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि बिहार में मुख्यमंत्री पद पर बदलाव होगा। ऐसे में आज का दिन राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
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भाजपा की हाई लेवल बैठक आज
नई सरकार के गठन और अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं की दिल्ली में अहम बैठक बुलाई गई है। यह बैठक शाम 6 बजे बिहार भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े के आवास पर आयोजित होगी।
बड़े नेताओं की मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और बिहार से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे।बैठक में बिहार के सह-प्रभारी, संगठन मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इसके अलावा कई वरिष्ठ नेताओं को भी बुलाया गया है, ताकि मुख्यमंत्री पद के लिए एकमत निर्णय लिया जा सके।
नए चेहरे पर बन सकती है सहमति
सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश में है। यह बैठक इस दिशा में अंतिम निर्णय लेने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सियासी भविष्य पर टिकी नजरें
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज की बैठक बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकती है। मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों की चर्चा है, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा।
तेज हुई राजनीतिक सरगर्मी
नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। सत्ता परिवर्तन की इस प्रक्रिया पर सभी दलों और जनता की नजरें टिकी हुई हैं।
अगले कुछ दिन बेहद अहम
आने वाले कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा किसे राज्य की कमान सौंपती है और नई सरकार किस तरह आकार लेती है।









