बिहार,अंग भारत| खगड़िया के सदर अस्पताल में पोषण पखवाड़ा के तहत गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माताओं और नवजात शिशुओं को कुपोषण से बचाने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था।
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गर्भवती महिलाओं को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के दौरान मौजूद डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित जांच बेहद जरूरी है। साथ ही महिलाओं को संतुलित और पौष्टिक आहार लेने पर विशेष जोर दिया गया।डॉक्टरों ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियों का नियमित सेवन करना चाहिए। इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दाल, दूध और अंडा को अपने दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी गई।
सुरक्षित प्रसव और स्तनपान पर जोर
कार्यक्रम में डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव हमेशा अस्पताल में ही कराना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखा जा सके।इसके साथ ही नवजात शिशुओं के लिए मां के दूध के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि जन्म के बाद पहले 6 महीने तक शिशु को केवल मां का दूध ही देना चाहिए, क्योंकि यह उसके संपूर्ण विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है।
6 महीने बाद ऊपरी आहार की शुरुआत
विशेषज्ञों ने कहा कि 6 महीने के बाद ही बच्चों को ऊपरी आहार देना शुरू करना चाहिए। इस दौरान दाल, खिचड़ी और दलिया जैसे हल्के और पौष्टिक आहार को धीरे-धीरे शामिल करना चाहिए, ताकि बच्चे को पर्याप्त पोषण मिल सके।
कुपोषण के इलाज की सुविधा उपलब्ध
कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि यदि कोई बच्चा कुपोषण का शिकार होता है, तो खगड़िया स्थित एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में उसका इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया जाता है। यहां बच्चों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे उन्हें जल्द स्वस्थ किया जा सके।
स्वास्थ्य कर्मियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. अमोद कुमार, डीएस डॉ. धर्मेंद्र कुमार, एनआरसी नोडल पदाधिकारी डॉ. अभिनव कुमार, अस्पताल प्रबंधक प्रणव कुमार सहित कई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। अन्य कर्मियों में रतन, टेकन सिंह, अजीत सिंह, भूपेंद्र, लोकेश, ममता, रुणा और मंजू भी शामिल थीं।कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी हैं। इनका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सही पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि कुपोषण जैसी समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके और एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।










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