पूर्व बर्धमान,अंग भारत। पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने लोगों को डराने-धमकाने और एक महिला की पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने के आरोप में कार्रवाई करते हुए तृणमूल नेता सुब्रत घोष, युवा नेता राजीव दास और उनके सहयोगी संजय मंडल को गिरफ्तार किया है।
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महिला की जमीन पर कब्जे का आरोप
पुलिस के मुताबिक आरोपितों पर इलाके के लोगों को धमकाने और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत में कहा गया है कि एक महिला की पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। बताया जा रहा है कि आरोपी उस जमीन पर क्लब बनाने की योजना बना रहे थे।स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से इलाके में दबाव और डर का माहौल बनाया जा रहा था। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू की गई और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया। फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित कब्जे की योजना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
इलाके में बढ़ा राजनीतिक तनाव
इस गिरफ्तारी के बाद पूर्व बर्धमान जिले में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। वहीं स्थानीय स्तर पर भी घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।हालांकि खबर लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। पार्टी नेताओं ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन विवाद और दबंगई की घटनाओं पर प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे।पुलिस ने साफ किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।










