जयपुर, अंग भारत। राजस्थान में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से करीब आठ दिन की देरी से दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में मानसून के पूर्वी राजस्थान से प्रवेश करने की संभावना है। इसके साथ ही राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं।मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने के बाद कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 6 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा का सिलसिला शुरू होने की संभावना जताई गई है। हालांकि जुलाई माह में कुल मिलाकर सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान भी व्यक्त किया गया है।
आज 24 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट
मानसून के औपचारिक प्रवेश से पहले ही राजस्थान का मौसम सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 24 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।इसके अलावा 2 से 4 जुलाई के बीच बीकानेर संभाग के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे या इससे अधिक रफ्तार से तेज अंधड़ और धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। वहीं जोधपुर, फलोदी और जालोर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।
2 या 3 जुलाई को पूर्वी राजस्थान में पहुंच सकता है मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 2 या 3 जुलाई को मानसून के पूर्वी राजस्थान में प्रवेश करने की संभावना है। इसके प्रभाव से उदयपुर, कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई इलाकों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।उन्होंने कहा कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
कई जिलों में हुई बारिश, उमस से लोगों को नहीं मिली राहत
बीते 24 घंटों के दौरान कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कोटा जिले के मंडाना में 30 मिमी, पीपल्दा में 9 मिमी, झालावाड़ के बाकनी में 13 मिमी, धौलपुर के बसेड़ी में 12 मिमी और बारां के किशनगंज में 14 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।हालांकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर तेज धूप और उमस बनी रही। हवाएं चलने से तापमान में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की गई, लेकिन गर्मी से लोगों को पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी। अब सभी की निगाहें मानसून की दस्तक पर टिकी हैं, जिससे प्रदेश में मौसम पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।











