रांची,अंग भारत। झारखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने राज्य के पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 02 जुलाई को इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है।मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना भी जताई गई है।
5 और 6 जुलाई को भी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने बताया कि राज्य में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। विशेष रूप से 05 और 06 जुलाई को झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें। आंधी-बारिश के समय खुले स्थानों पर जाने से बचें और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित जगहों पर शरण लें।
पश्चिमी सिंहभूम में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई। सबसे अधिक वर्षा पश्चिमी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा में दर्ज की गई, जहां 84.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई|वहीं तापमान की बात करें तो डाल्टनगंज में सबसे अधिक 36.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। लातेहार में सबसे कम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
रांची में बादल छाए रहे, उमस से राहत नहीं
राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर बाद हल्की बारिश हुई, लेकिन इसके बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से ज्यादा राहत नहीं मिल सकी।मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रांची में अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम 27.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
कई शहरों में तापमान की स्थिति
डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री और न्यूनतम 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बोकारो में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री और न्यूनतम 24.5 डिग्री रहा। चाईबासा में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। भारी बारिश और वज्रपात की संभावना वाले जिलों में लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।










