बिहार,अंग भारत| बिहार के कोसी और मिथिलांचल क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सुपौल से दरभंगा तक प्रस्तावित नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की दिशा में केंद्र सरकार ने अगला कदम उठाया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्रालय ने एनएचएआई को जारी किया पत्र
7 जुलाई 2026 को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अवर सचिव जया प्रकाश की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी ने सुपौल से दरभंगा तक नए राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए डीपीआर तैयार कराने का निर्णय लिया है।प्रस्तावित सड़क सुपौल से बेरिया मंच और मधेपुर होते हुए दरभंगा तक जाएगी। मंत्रालय ने एनएचएआई से कहा है कि पहले परियोजना की व्यवहार्यता का अध्ययन किया जाए और उसके बाद जल्द से जल्द डीपीआर तैयार कर रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जाए।
डीपीआर के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
डीपीआर तैयार होने के बाद ही परियोजना की पूरी तस्वीर सामने आएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सड़क की लंबाई, अंतिम रूट, निर्माण लागत, भूमि अधिग्रहण और निर्माण की समय-सीमा तय की जाएगी। इसके बाद केंद्र सरकार प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी देने पर फैसला करेगी।फिलहाल यह परियोजना शुरुआती चरण में है और डीपीआर तैयार होने के बाद ही निर्माण कार्य की दिशा में अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
लाखों लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
सुपौल और दरभंगा के बीच यात्रा करने वाले लोगों को अभी कई जगह खराब और संकरी सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है। नया राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से यात्रा आसान होगी और समय की भी बचत होगी।इस परियोजना का लाभ सुपौल, मधेपुर, दरभंगा और आसपास के कई प्रखंडों के लाखों लोगों को मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क बनने से व्यापार, कृषि उत्पादों की ढुलाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी। साथ ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
डिप्टी सीएम विजेंद्र प्रसाद यादव के प्रयासों की चर्चा
इस परियोजना को आगे बढ़ाने का श्रेय बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव के प्रयासों को भी दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने लंबे समय से सुपौल से दरभंगा तक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की मांग विभिन्न स्तरों पर उठाई थी।सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के समक्ष भी लगातार पहल की। इसके बाद मंत्रालय ने परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं।
क्षेत्र के लोगों में बढ़ी उम्मीद
केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद कोसी और मिथिलांचल क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि परियोजना को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो इससे क्षेत्र की सड़क संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी और विकास के नए अवसर खुलेंगे।हालांकि फिलहाल लोगों की नजर डीपीआर और उसके बाद होने वाली सरकारी मंजूरियों पर टिकी है। परियोजना को अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।











