नजफ से विशेष विमान के जरिए गृह नगर लाया गया पार्थिव शरीर
तेहरान,अंग भारत| ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई का पार्थिव शरीर गुरुवार को इराक के नजफ से उनके गृह नगर मशहद पहुंच गया। महान एयर के विशेष विमान से पार्थिव शरीर को मशहद के हाशमीनेजाद एयरपोर्ट लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहले से मौजूद थे। पार्थिव शरीर के शहर पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक का माहौल देखने को मिला और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।ईरानी अधिकारियों के अनुसार, मशहद में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद अयातुल्ला अली खामेनेई की इच्छा के अनुरूप उन्हें इमाम रजा की पवित्र दरगाह के परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मशहद उनका जन्मस्थान भी है और धार्मिक दृष्टि से ईरान के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में गिना जाता है।
इराक में धार्मिक रस्मों के बाद पहुंचा पार्थिव शरीर
अंतिम संस्कार से पहले खामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला ले जाया गया, जहां शिया परंपराओं के अनुसार धार्मिक रस्में पूरी की गईं। दोनों शहरों में लाखों लोगों ने अंतिम दर्शन किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।नजफ में आयोजित अंतिम यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा। इसके बाद पार्थिव शरीर को अरबीन मार्ग से कर्बला ले जाया गया, जहां भी हजारों श्रद्धालु अंतिम विदाई देने पहुंचे। धार्मिक अनुष्ठानों के पूरा होने के बाद महान एयर के विशेष विमान से पार्थिव शरीर को मशहद रवाना किया गया।
भीड़ के कारण अंतिम यात्रा में हुई देरी
अंतिम संस्कार समिति के अनुसार, कर्बला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण कार्यक्रम तय समय से पीछे चला गया। इसका असर मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम पर भी पड़ा।पहले अंतिम यात्रा स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजे शुरू होनी थी, लेकिन पार्थिव शरीर के देर से पहुंचने के कारण इसे दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। प्रशासन का कहना है कि लाखों लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती रही।
मशहद में उमड़े श्रद्धालु
पार्थिव शरीर के मशहद पहुंचने की सूचना मिलते ही हजारों लोग एयरपोर्ट और अंतिम यात्रा मार्ग पर एकत्र होने लगे। कई लोग हाथों में ईरानी झंडे और धार्मिक प्रतीक लिए नजर आए। शहर में जगह-जगह शोक सभाओं का आयोजन किया गया है।प्रशासन ने अंतिम यात्रा के मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस, सुरक्षा बल और स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है ताकि अंतिम यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
शिया धर्मगुरुओं की मौजूदगी में हुईं रस्में
इराक में आयोजित अंतिम संस्कार की धार्मिक रस्मों का नेतृत्व शीर्ष शिया धर्मगुरु अयातुल्ला अली अल-सिस्तानी के प्रतिनिधि शेख अब्दुल महदी अल-करबलाई ने किया। इस दौरान विशेष नमाज अदा की गई और दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए दुआ की गई।अंतिम यात्रा में ईरान और इराक के कई वरिष्ठ धार्मिक नेता, सरकारी प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए। इराक सरकार ने भी इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था ताकि लोग अंतिम यात्रा में शामिल हो सकें।
एक सप्ताह तक चला शोक कार्यक्रम
अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान में कई दिनों तक राजकीय शोक कार्यक्रम आयोजित किए गए। तेहरान, कोम, नजफ और कर्बला सहित कई प्रमुख धार्मिक शहरों में श्रद्धांजलि सभाएं और अंतिम यात्रा निकाली गईं। लाखों लोगों ने इनमें भाग लेकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
दुनियाभर की नजर अंतिम संस्कार पर
मशहद में होने वाला अंतिम संस्कार केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई देशों के प्रतिनिधियों और धार्मिक नेताओं के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई गई है।अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार ऐसे समय हो रहा है जब क्षेत्र पहले से ही तनावपूर्ण हालात से गुजर रहा है। ऐसे में दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। फिलहाल मशहद में अंतिम यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और कुछ ही समय में उन्हें इमाम रजा की पवित्र दरगाह परिसर में पूरे राजकीय और धार्मिक सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।










