चीन की धरती पर गूंजा भारत का राष्ट्रगान
बिहार,अंग भारत| बिहार के मोतिहारी के रहने वाले युवा एथलीट सेतु मिश्रा ने चीन में ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा हो गया। एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में भारतीय 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले टीम ने शानदार दौड़ लगाते हुए मेजबान चीन को पीछे छोड़ स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत में सबसे अहम भूमिका सेतु मिश्रा की रही, जिन्होंने टीम के लिए आखिरी चरण की दौड़ पूरी करते हुए सबसे पहले फिनिश लाइन पार की।भारत की इस ऐतिहासिक जीत के बाद खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। वहीं देशभर में खेल प्रेमियों ने भी इस उपलब्धि का जमकर स्वागत किया।
आखिरी दौड़ में दिखाया दम, चीन को नहीं दिया मौका
4×400 मीटर मिक्स्ड रिले मुकाबला शुरू से ही काफी रोमांचक रहा। भारतीय टीम ने शुरुआत से अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी चरण में मुकाबला बेहद कड़ा हो गया। ऐसे समय में सेतु मिश्रा ने जिम्मेदारी संभाली और अपनी तेज रफ्तार से चीन के धावक को पीछे छोड़ दिया।फिनिश लाइन के करीब पहुंचते-पहुंचते सेतु ने अपनी पूरी ताकत लगा दी और सबसे पहले लक्ष्य रेखा पार कर भारत को स्वर्ण पदक दिला दिया। जैसे ही भारत की जीत तय हुई, पूरे स्टेडियम में भारतीय खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ की खुशी देखने लायक थी।
मोतिहारी के बेटे ने बढ़ाया बिहार का मान
सेतु मिश्रा की इस सफलता से बिहार के लोगों में खासा उत्साह है। मोतिहारी के इस युवा खिलाड़ी ने साबित कर दिया कि अगर मेहनत और लगन हो तो छोटे शहरों से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया जा सकता है।उनकी इस उपलब्धि के बाद परिवार, रिश्तेदार, दोस्तों और खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी लोग सेतु को बधाई दे रहे हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।
खेल जगत से लगातार मिल रही बधाइयां
सेतु मिश्रा की इस शानदार उपलब्धि पर बिहार राज्य एथलेटिक संघ के अध्यक्ष सलीम परवेज ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सिर्फ सेतु की नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि इस जीत से राज्य के दूसरे खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।वहीं बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन शंकरण ने भी सेतु और पूरी भारतीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और अनुशासन का ही नतीजा है कि भारत ने एशिया के बड़े मंच पर स्वर्ण पदक हासिल किया।बिहार राज्य एथलेटिक्स संघ के सचिव लियाकत अली समेत सभी जिला पदाधिकारियों ने भी सेतु मिश्रा को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनका कहना है कि आने वाले समय में सेतु देश के लिए और भी बड़े मंचों पर शानदार प्रदर्शन करेंगे।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
सेतु मिश्रा की यह जीत सिर्फ एक पदक तक सीमित नहीं है। यह उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत और अभ्यास के दम पर उन्होंने यह साबित कर दिया कि सफलता किसी बड़े शहर या महंगी सुविधाओं की मोहताज नहीं होती।उनकी यह उपलब्धि बिहार के खेल जगत के लिए भी नई उम्मीद लेकर आई है। इससे राज्य के युवा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और वे भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे।
देश को आगे भी हैं बड़ी उम्मीदें
एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर सेतु मिश्रा ने अपने शानदार भविष्य की मजबूत नींव रख दी है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वह इसी तरह मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ते रहे तो आने वाले वर्षों में एशियाई खेलों, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भी भारत के लिए पदक जीत सकते हैं।फिलहाल, चीन से आई इस जीत ने पूरे देश को जश्न मनाने का मौका दिया है। मोतिहारी के इस होनहार बेटे ने अपनी तेज रफ्तार से न सिर्फ चीन को पीछे छोड़ा, बल्कि करोड़ों भारतीयों का दिल भी जीत लिया। अब सभी को उम्मीद है कि सेतु मिश्रा आने वाले समय में भी इसी तरह तिरंगा ऊंचा लहराते रहेंगे और देश का नाम दुनिया भर में रोशन करेंगे।










