नई दिल्ली,अंग भारत। हॉकी इंडिया ने एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 के लिए 20 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस बार टीम की कमान अनुभवी मिडफील्डर सलीमा टेटे को सौंपी गई है। भारतीय महिला टीम से इस विश्व कप में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि हाल ही में टीम ने न्यूजीलैंड में खेले गए एफआईएच नेशंस कप में शानदार खेल दिखाते हुए खिताब अपने नाम किया था। इसी प्रदर्शन को देखते हुए विश्व कप के लिए लगभग उसी टीम पर भरोसा जताया गया है।महिला हॉकी विश्व कप 2026 का आयोजन 15 से 30 अगस्त के बीच बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में होगा। भारतीय टीम फिलहाल बेंगलुरु में राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में तैयारी कर रही है, जहां खिलाड़ी फिटनेस, रणनीति और अभ्यास मैचों पर खास ध्यान दे रहे हैं।
सलीमा टेटे को मिली बड़ी जिम्मेदारी
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तानी इस बार सलीमा टेटे को दी गई है। सलीमा पिछले कई वर्षों से भारतीय टीम की अहम खिलाड़ी रही हैं और अपनी तेज रफ्तार, शानदार पासिंग और बेहतरीन मिडफील्ड खेल के लिए जानी जाती हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में भारतीय टीम विश्व कप में दमदार प्रदर्शन करेगी।टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरों को भी जगह दी गई है, जिससे टीम का संतुलन मजबूत नजर आता है। गोलकीपर सविता एक बार फिर टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
नेशंस कप की जीत से बढ़ा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास
भारतीय महिला टीम ने पिछले महीने न्यूजीलैंड में खेले गए एफआईएच नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन किया था। पूरे टूर्नामेंट में टीम अपराजित रही और फाइनल जीतकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ाया है।विश्व कप के लिए चुनी गई टीम में नेशंस कप में अच्छा प्रदर्शन करने वाली ज्यादातर खिलाड़ियों को बरकरार रखा गया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि एक साथ खेल चुकी टीम बड़े टूर्नामेंट में बेहतर तालमेल के साथ उतर सकेगी।
पूल-डी में आसान नहीं होगी भारत की राह
विश्व कप में भारत को पूल-डी में रखा गया है, जहां उसका मुकाबला चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों से होगा। तीनों मुकाबले आसान नहीं माने जा रहे हैं।भारत अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को चीन के खिलाफ करेगा। इसके बाद 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड से भिड़ेगा। भारतीय टीम के सभी लीग मैच नीदरलैंड के एम्स्टेलवीन स्थित वागेनर हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे।अगर भारतीय टीम लीग चरण में अच्छा प्रदर्शन करती है तो उसके पास नॉकआउट दौर में पहुंचने का शानदार मौका होगा।
मुख्य कोच ने जताया खिलाड़ियों पर भरोसा
भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच सजॉर्ड मारिजन ने टीम चयन के बाद कहा कि इस बार अनुभव और युवा खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण तैयार किया गया है। उनके मुताबिक सभी खिलाड़ियों ने पिछले कुछ महीनों में काफी मेहनत की है और टीम बड़े मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार है।कोच ने कहा कि विश्व कप दुनिया का सबसे बड़ा मंच है और भारतीय टीम का लक्ष्य सिर्फ भाग लेना नहीं, बल्कि दुनिया की मजबूत टीमों को कड़ी चुनौती देना है। उन्होंने विश्वास जताया कि खिलाड़ी दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
अनुभव और युवा जोश का संतुलित मेल
भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई युवा खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है। टीम प्रबंधन का मानना है कि अनुभवी खिलाड़ी दबाव वाले मुकाबलों में टीम को संभालेंगे, जबकि युवा खिलाड़ी अपनी गति और ऊर्जा से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।डिफेंस, मिडफील्ड और फॉरवर्ड तीनों विभागों में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है ताकि टीम हर परिस्थिति में बेहतर प्रदर्शन कर सके।
विश्व कप टीम में शामिल खिलाड़ी
गोलकीपर: सविता, बिचू देवी खरीबाम
डिफेंडर: इशिका चौधरी, सुशीला चानू पुखरामबम, लालथांतलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास
मिडफील्डर: सलीमा टेटे (कप्तान), निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, नेहा, दीपिका सोरेंग
फॉरवर्ड: लालरेमसियामी, रुतुजा दादासो पिसाल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर और ब्यूटी डुंगडुंग।
भारतीय टीम से पदक की उम्मीद
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। टीम की फिटनेस, तेज खेल और आक्रामक रणनीति ने दुनिया की कई मजबूत टीमों को चुनौती दी है। ऐसे में इस बार भी भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि सलीमा टेटे की कप्तानी में टीम विश्व कप में यादगार प्रदर्शन करेगी और पहली बार पदक जीतने के अपने सपने को साकार करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगी। खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म और हालिया प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय टीम इस बार किसी भी बड़े उलटफेर की क्षमता रखती है।








