पटना,अंग भारत। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों के विधायक विधानसभा के मुख्य गेट से पोर्टिको तक मार्च करते हुए पहुंचे और वहां काफी देर तक नारेबाजी की। विपक्ष ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
नीट पेपर लीक को लेकर सरकार पर हमला
विपक्षी विधायकों ने कहा कि देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य नीट परीक्षा से जुड़ा है, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। प्रदर्शन के दौरान राजद, कांग्रेस और वाम दलों के नेताओं ने सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।वामपंथी विधायक अजय कुमार ने कहा कि नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर पिछले 23 दिनों से आंदोलन चल रहा है। उन्होंने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में भी विपक्ष ने अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने केंद्र सरकार पर दमनकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही आवाजों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
राजद ने सरकार को घेरा
राजद नेता सुनील कुमार सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में 152 बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। महंगाई और बेरोजगारी पहले से ही युवाओं के सामने बड़ी चुनौती है, जबकि सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
उर्दू शिक्षा के मुद्दे पर एआईएमआईएम का प्रदर्शन
मानसून सत्र के पहले दिन एआईएमआईएम के विधायकों ने भी विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य के डिग्री कॉलेजों में उर्दू भाषा की पढ़ाई सुनिश्चित नहीं होने पर नाराजगी जताई।विधायकों का कहना था कि उर्दू भाषा की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण उर्दू शिक्षा प्रभावित हो रही है और इसे लेकर लगातार आवाज उठाई जाती रहेगी।
स्कूलों के भगवा रंग पर भाई वीरेंद्र का सवाल
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने भी विधानसभा पहुंचने के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर निशाना साधा। उन्होंने स्कूल भवनों को भगवा रंग से रंगे जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि विद्यालय किसी एक रंग का प्रतीक नहीं होना चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि स्कूलों को तिरंगे के तीन रंगों से सजाया जाता तो उसका अलग संदेश जाता, लेकिन केवल भगवा रंग का इस्तेमाल लोगों के बीच गलत संदेश दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर महागठबंधन राज्यभर में चर्चा करेगा और सरकार से जवाब मांगेगा।भाई वीरेंद्र ने शिक्षा मंत्री पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें अपने बयान और फैसलों में संयम बरतना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के पास सरकार के कई मुद्दों की जानकारी है और समय आने पर उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा।
तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर भी दिया जवाब
मीडिया द्वारा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की विधानसभा में अनुपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि राजद का हर कार्यकर्ता तेजस्वी यादव की सोच और नेतृत्व के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ जनता के मुद्दे सदन और सड़क दोनों जगह उठाती रहेगी।
पहले दिन ही गरमाया राजनीतिक माहौल
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन हुए विरोध-प्रदर्शन से यह साफ हो गया कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिलेगी। नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई और भाषा जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपने विधायी और विकास संबंधी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।








