रामगढ़,अंग भारत। झारखंड के रामगढ़ व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्पीड पोस्ट के जरिए भेजी गई एक धमकी भरी चिट्ठी ने पुलिस और न्यायिक प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। यह पत्र सीधे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नाम भेजा गया था। खास बात यह है कि चिट्ठी बांग्ला भाषा में लिखी गई है। जैसे ही इसकी जानकारी न्यायालय प्रशासन को मिली, पूरे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया और पुलिस को तत्काल सूचना दी गई।धमकी को हल्के में लेने के बजाय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पूरे कोर्ट परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जाने लगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
एसपी ने जारी किया हाई अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं। मंगलवार देर रात से ही न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई और बुधवार सुबह तक लगातार तलाशी अभियान चलाया गया।पुलिस अधिकारियों ने न्यायालय के हर हिस्से की बारीकी से जांच कराई। कोर्ट भवन, रिकॉर्ड रूम, वकीलों के चैंबर, पार्किंग, गलियारे और आसपास के खुले इलाकों की भी गहन तलाशी ली गई। सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर की निगरानी बढ़ा दी गई है।
डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टर से हुई जांच
रामगढ़ के एसडीपीओ आलोक रंजन के नेतृत्व में रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे और पुलिस बल ने जांच अभियान चलाया। तलाशी के दौरान डॉग स्क्वायड की टीम को भी लगाया गया। साथ ही मेटल डिटेक्टर की मदद से पूरे परिसर की जांच की गई, ताकि अगर कहीं कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक छिपाकर रखा गया हो तो उसका पता लगाया जा सके।कई घंटे तक चली इस जांच में पुलिस ने न्यायालय परिसर के कोने-कोने को खंगाल डाला। हालांकि राहत की बात यह रही कि तलाशी के दौरान कोई भी विस्फोटक, संदिग्ध सामान या आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई।
कोर्ट परिसर बना छावनी
धमकी मिलने के बाद व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा पहले से कई गुना बढ़ा दी गई है। कोर्ट परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। अब परिसर में आने वाले हर व्यक्ति की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।वकीलों, कर्मचारियों और मुकदमे से जुड़े लोगों को भी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। पूरे परिसर का माहौल पूरी तरह सतर्कता भरा नजर आया।
धमकी भरी चिट्ठी की हो रही जांच
पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि धमकी भरी चिट्ठी किसने भेजी और इसके पीछे क्या मकसद था। स्पीड पोस्ट के जरिए भेजे गए पत्र की जांच की जा रही है। पोस्ट ऑफिस से लेकर चिट्ठी भेजने वाले व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। बांग्ला भाषा में लिखे गए पत्र का भी बारीकी से अध्ययन कराया जा रहा है, ताकि उसमें छिपे हर संकेत को समझा जा सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए तकनीकी जांच के साथ-साथ अन्य एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है।
सुरक्षा के साथ जांच भी जारी
फिलहाल न्यायालय में कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सख्त कर दी गई है। पुलिस ने साफ किया है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।धमकी के इस मामले को पुलिस बेहद गंभीरता से ले रही है। जांच पूरी होने तक न्यायालय परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा। पुलिस का कहना है कि धमकी देने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है और हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।







